September 18, 2026

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Drone camera

भोपाल सेंट्रल जेल में हाई-सिक्योरिटी बैरक के पास मिला ड्रोन

भोपाल सेंट्रल जेल में सुरक्षा में गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। 26 जनवरी से पहले जेल परिसर में एक ड्रोन कैमरा बरामद किया गया। यह कैमरा हाई-सिक्योरिटी बैरक से करीब 200 मीटर दूर नई बैरक निर्माण स्थल के पास मिला। घटना के बाद जेल प्रशासन और भोपाल पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। शुरुआती जांच में ड्रोन कैमरे में कोई संदिग्ध जानकारी नहीं मिली है, लेकिन इसकी तकनीकी जांच की जाएगी। बताया गया है कि यह ड्रोन चाइना मेड है और आमतौर पर बच्चों के खिलौने के रूप में इस्तेमाल होता है।

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हाई-सिक्योरिटी जोन में ड्रोन कैमरा मिलने से सुरक्षा में सेंध का खुलासा

जेल अधीक्षक राकेश भांगरे ने बताया कि भोपाल सेंट्रल जेल का (ब) खंड हाई-सिक्योरिटी जोन में है, जहां सिमी के कुख्यात आतंकी और खतरनाक कैदी रखे गए हैं। इस क्षेत्र में हनुमान मंदिर के पीछे नई बैरकों का निर्माण हो रहा है। बुधवार शाम करीब 3:30 बजे, एक जेल प्रहरी निरीक्षण के दौरान हाई-सिक्योरिटी जोन से 200 मीटर दूर एक संदिग्ध वस्तु मिली, जो बाद में ड्रोन कैमरा निकली। प्रहरी ने तुरंत इसकी सूचना जेल प्रशासन और अधिकारियों को दी।

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ड्रोन कैमरा मिलने पर जेल प्रबंधन और अधिकारियों में हड़कंप मच गया। वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और ड्रोन की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पता चला कि ड्रोन में बैटरी और दो कैमरे लगे थे, लेकिन कैमरों में क्या रिकॉर्ड किया गया, इसका खुलासा नहीं किया गया। ड्रोन में लाइटें भी लगी थीं। जेल अधिकारियों का मानना है कि यह चाइना मेड ड्रोन है, जिसे आमतौर पर बच्चों के खेलने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

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भोपाल सेंट्रल जेल में सिमी, पीएफआई, एचयूटी और आईएसआईएस से जुड़े 69 आतंकी कैद हैं। इन्हें सुबह ढाई घंटे और शाम एक घंटे बैरक से बाहर रखा जाता है, और उनकी निगरानी के लिए दो प्रहरी तैनात रहते हैं। कामरान, अबू फैजल, शिबली और कमरुद्दीन को छोड़कर 65 कैदियों को परिजनों से मिलने और कैंटीन की सुविधा दी जाती है। ड्रोन कैमरा मिलने पर गांधी नगर पुलिस तुरंत जांच के लिए पहुंची। पुलिस ने आसपास के सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क के लोगों से पूछताछ शुरू की, ताकि यह पता चल सके कि ड्रोन का परीक्षण तो नहीं हो रहा था। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।