प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन और तस्करी के मामलों में कड़ी कार्रवाई शुरू की है। अधिकारियों ने राज्य के 12 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। यह कार्रवाई झारखंड में चल रहे कोयला घोटाले से जुड़े तारों की जांच के लिए की गई। ED ने कहा कि कई दल अवैध खनन और तस्करी में शामिल हैं। ये लोग नियमों और कराधान कानूनों की अवहेलना कर रहे थे। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी। साथ ही राज्य में खनन उद्योग में पारदर्शिता बढ़ेगी।
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कोयला घोटाले में ED ने 12 ठिकानों पर छापेमारी की
ED ने छापेमारी के दौरान उन स्थानों पर दस्तावेज और कंप्यूटर जब्त किए। ये प्रमाण अवैध कोयला खनन और बिक्री के सीधे सबूत प्रदान करते हैं। जांच में शामिल लोग कोयले को कम कीमत पर खरीदकर अधिक मूल्य में बेचने के आरोप में हैं। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी में खनन कंपनियों, एजेंटों और कुछ सरकारी कर्मचारियों के ठिकानों पर भी ध्यान दिया गया। यह कार्रवाई पश्चिम और मध्य बंगाल के विभिन्न जिलों में की गई। इसका उद्देश्य पूरे नेटवर्क का पता लगाना है।
झारखंड से जुड़े तार और आगे की जांच
जांच में यह पता चला कि पश्चिम बंगाल का अवैध खनन झारखंड में चल रहे घोटाले से जुड़ा है। ED ने कहा कि यह कार्रवाई अपराधियों और तस्करों के लिए कड़ा संदेश है। अवैध खनन और कर चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि जांच अभी जारी है। भविष्य में और भी ठिकानों पर छापेमारी की संभावना है। इस कदम से राज्य में खनन उद्योग नियमित और पारदर्शी बनेगा। साथ ही अवैध गतिविधियों के खिलाफ कानून की पकड़ मजबूत होगी।
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