केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी CBI ने रिश्वतखोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरिडीह में तैनात CGST विभाग के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अधिकारियों में एक सुपरिंटेंडेंट और एक इंस्पेक्टर शामिल हैं, जिन पर कारोबारी से रिश्वत मांगने का आरोप लगा। CBI अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी को 20 मई को इस मामले से जुड़ी एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी ITC मिसमैच विवाद सुलझाने के बदले 90 हजार रुपये मांगे। एजेंसी ने शुरुआती जांच के बाद मामला दर्ज किया और आरोपों की पुष्टि करने के लिए विशेष ट्रैप ऑपरेशन की तैयारी शुरू कर दी।
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CGST अधिकारियों को रिश्वत लेते CBI ने रंगे हाथ दबोचा
शिकायत के अनुसार, CGST अधिकारियों ने कारोबारी पर दबाव बनाते हुए उसका GST नंबर ब्लॉक करने की धमकी भी दी थी। कारोबारी ने रिश्वत मांगने की जानकारी तुरंत CBI को दी, जिसके बाद एजेंसी ने जाल बिछाने की योजना बनाई। जांच एजेंसी ने पूरे घटनाक्रम की निगरानी करते हुए आरोपियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। तय योजना के तहत कारोबारी ने अधिकारियों को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये सौंपे। इसी दौरान CBI की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए दोनों अधिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने रिश्वत में इस्तेमाल नकदी भी बरामद कर ली।
CBI ने गिरफ्तारी के तुरंत बाद दोनों आरोपियों के कार्यालय और आवासीय परिसरों में तलाशी अभियान भी चलाया। अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य संदिग्ध सामग्री जब्त करने की जानकारी दी है। एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मामले में अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल थे या नहीं। CBI अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में रिश्वतखोरी और दबाव बनाकर वसूली करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। दोनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद धनबाद की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और आगे भी कार्रवाई संभव है।
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सेना के कर्नल पर 50 लाख रिश्वत घोटाले में गंभीर आरोप
इसी बीच CBI ने भ्रष्टाचार से जुड़े एक अन्य बड़े मामले में भारतीय सेना के एक कार्यरत कर्नल को भी गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अधिकारी आर्मी ऑर्डिनेंस कॉर्प्स यानी AOC में तैनात था और कोलकाता के फोर्ट विलियम स्थित ईस्टर्न कमांड में कार्यरत था। जांच एजेंसी के अनुसार, कर्नल पर लगभग 50 लाख रुपये के रिश्वत घोटाले में शामिल होने के गंभीर आरोप लगे हैं। CBI ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी कर्नल पर टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता करने और फर्जी मंजूरी देने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
जांच एजेंसी के मुताबिक, सेना के अधिकारी ने बढ़े हुए या लंबित बिलों को मंजूरी देने के बदले रिश्वत लेने का काम किया। आरोप यह भी है कि उसने घटिया गुणवत्ता वाली सामग्री के नमूनों को स्वीकृति देकर सरकारी नियमों का उल्लंघन किया। CBI अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि भ्रष्टाचार में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके। लगातार सामने आ रहे रिश्वत मामलों ने सरकारी विभागों और रक्षा संस्थानों में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। CBI ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ एजेंसी की कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।


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