बिहार के बेगूसराय जिले में तीन शिक्षकों की नियुक्ति रद्द कर दी गई है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने यह कार्रवाई उन शिक्षकों के खिलाफ की है जो केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) में निर्धारित 60% अंक प्राप्त नहीं कर सके। अश्वनी पाल, आरती यादव और सोनम पटेल नामक ये तीनों शिक्षक बिहार के बाहर के निवासी हैं और BPSC के माध्यम से नियुक्त हुए थे। हालांकि, CTET में उनके अंक क्रमशः 87, 84 और 83 रहे, जो कि आवश्यक न्यूनतम सीमा से कम हैं।
CTET में कम अंक और नियमों की अनदेखी बनी नौकरी रद्द होने का कारण
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श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए CTET में न्यूनतम 60% अंक अनिवार्य हैं। बिहार के बाहर के उम्मीदवारों को किसी प्रकार की छूट नहीं मिलती है। इन शिक्षकों ने अपने आवेदन में सभी आवश्यक योग्यताएं पूरी करने का दावा किया था, लेकिन जांच में यह गलत साबित हुआ। DEO ने उनके स्पष्टीकरण को असंतोषजनक मानते हुए नियुक्ति रद्द करने का आदेश जारी किया।
यह मामला बिहार में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता और सख्ती को दर्शाता है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं को रोकने के लिए सभी प्रमाणपत्रों की गहन जांच की जाएगी।
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अभ्यर्थियों ने लगाई गुहार, विभाग ने ठुकराई अपील
तीनों शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के इस फैसले के खिलाफ स्पष्टीकरण देने और पुनर्विचार की अपील की थी, लेकिन विभाग ने उनके तर्कों को अपर्याप्त मानते हुए अपील खारिज कर दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियुक्ति प्रक्रिया में पात्रता मानदंड से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने यह भी कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और योग्य उम्मीदवारों को ही मौका देना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस फैसले के बाद अन्य जिलों में भी ऐसे मामलों की जांच तेज़ कर दी गई है।
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