बीड जिले के मासाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख का 9 दिसंबर को अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अब तक सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। सरपंच के भाई धनंजय देशमुख ने मोबाइल टावर से कूदकर आत्महत्या करने की धमकी दी है। बीड के मसाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या की जांच में परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है। उनके भाई धनंजय देशमुख ने मोबाइल टावर से कूदकर आत्महत्या की धमकी दी है, यह कहते हुए कि जांच से संबंधित जानकारी परिवार को नहीं दी जा रही है।
हत्या की जांच में देरी से परिवार में आक्रोश, कार्रवाई तेज करने की मांग
सरपंच संतोष देशमुख के भाई, धनंजय देशमुख, ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि उन्हें डर है कि सबूत नष्ट हो सकते हैं। अगर आरोपियों को छोड़ दिया गया तो उनका और उनके परिवार का भी वही हश्र होगा। यह वही हश्र होगा जो उनके भाई का हुआ। उनके अनुसार, उनके भाई की हत्या को 35 दिन हो चुके हैं। उन्होंने सीएम देवेंद्र फडणवीस पर भरोसा जताया है। उन्हें उम्मीद थी कि जांच के बारे में जानकारी उनके साथ साझा की जाएगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि सबूत नष्ट होने के बाद जानकारी का कोई महत्व नहीं होगा।
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सरपंच के भाई ने आरोपियों पर सख्त कदम उठाने की मांग करते हुए दी चेतावनी
उन्होंने कहा कि हम पहले ही दिन से आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं। अगर आरोपियों पर मकोका और हत्या के आरोप नहीं लगाए गए तो मैं सोमवार से आंदोलन शुरू करूंगा। मैं बीड में एक मोबाइल टावर से कूद जाऊंगा क्योंकि एक बार आरोपी छूट गए। तो वे मुझे बेरहमी से मार देंगे। तब मेरे परिवार में न्याय मांगने वाला कोई नहीं होगा।
धनंजय देशमुख ने दावा किया कि उनके भाई की हत्या जबरन वसूली के मामले से जुड़ी हुई है। अगर मेरे परिवार और मुझे उचित जानकारी नहीं दी जाती है, तो हमें कोई निर्णय लेना होगा। क्योंकि मेरे भाई के साथ जो हुआ, वह हमारे साथ भी हो सकता है।
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क्या है पूरा मामला?
बीड के मासाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की 9 दिसंबर को अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद इस मामले ने तूल पकड़ा। यह हत्या पवनचक्की परियोजना से जुड़ी जबरन वसूली रोकने के कारण हुई। पुलिस ने इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कुछ दिन पहले, मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड ने पुणे में आत्मसमर्पण किया। पुलिस ने उसका बयान लिया और जांच को आगे बढ़ाया।
इस मामले में अब तक सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। पुलिस ने सभी आठ आरोपियों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच महाराष्ट्र सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) कर रही है।
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