प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उद्योगपति अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई शुरू की है। एजेंसी ने मुंबई और हैदराबाद में कई ठिकानों पर छापेमारी की। जांच अधिकारी दस्तावेज़ और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। यह कार्रवाई वित्तीय लेनदेन से जुड़े संभावित अनियमितताओं की जांच के तहत की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार लगभग 15 टीमें अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं। अधिकारी लगातार संबंधित कागजात और इलेक्ट्रॉनिक डाटा एकत्र कर रहे हैं। साथ ही, संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों की भी जांच हो रही है। इसलिए एजेंसी मामले से जुड़े हर पहलू की पड़ताल कर रही है।
Also Read : वानखेड़े स्टेडियम में 39 साल बाद भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल में आमने-सामने।
रिलायंस पावर मामले में कई शहरों में जांच तेज
इस बीच ED की टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई की। सबसे पहले अधिकारियों ने मुंबई में कुछ प्रमुख परिसरों की तलाशी ली। इसके बाद हैदराबाद में भी संबंधित ठिकानों की जांच की गई। जांच एजेंसी अब वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रही है। साथ ही बैंकिंग दस्तावेज़ों की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा अधिकारियों ने कुछ डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए हैं। इनसे महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
दूसरी ओर जांच टीमों ने कई लोगों से पूछताछ भी की है। हालांकि अभी तक एजेंसी ने विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। लेकिन सूत्रों के अनुसार जांच आगे भी जारी रहेगी। इसलिए अधिकारियों ने संबंधित दस्तावेज़ों को सुरक्षित कर लिया है। इसके बाद विशेषज्ञ इन रिकॉर्ड्स की गहन जांच करेंगे।
वहीं इस मामले ने कारोबारी जगत में भी हलचल पैदा कर दी है। कई लोग इस कार्रवाई को बड़ी जांच का हिस्सा मान रहे हैं। इसके साथ ही एजेंसियां वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सख्ती दिखा रही हैं। परिणामस्वरूप आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल ED की टीमें लगातार जांच में जुटी हुई हैं। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
Also Read : अमेरिका ने भारत को रूसी तेल की खरीद पर 30 दिनों की राहत दी।


More Stories
Maharashtra Hill Tragedy: Victims’ Relative Calls iPhone EMI Claims ‘Rumours’
मणिपुर के सेनापति में हिंसा से तनाव, CRPF जवान घायल; दो घर फूंके गए
धरती के नीचे मिला गैस का विशाल भंडार, इस देश की बदली किस्मत! क्या अब खत्म होगा Energy Crisis