October 16, 2026

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अहमदाबाद

अहमदाबाद के गरबा पंडाल में पहचान छिपाकर घुसने के आरोप में दो युवक पकड़े गए

अहमदाबाद के वटवा इलाके में गरबा कार्यक्रम के दौरान दो युवकों को लेकर विवाद सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दोनों युवकों पर पहचान छिपाकर गरबा पंडाल में प्रवेश करने का आरोप लगाया। यह घटना द्वारकेश फार्म में आयोजित गरबा कार्यक्रम के दौरान हुई। जानकारी के मुताबिक, सलमान नामक युवक कथित तौर पर राहुल नाम बताकर पंडाल में दाखिल हुआ था। उसके साथ कबीर नाम का एक अन्य युवक भी मौजूद था। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद कुछ कार्यकर्ताओं को दोनों की पहचान पर संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने दोनों युवकों को रोककर उनसे पूछताछ शुरू कर दी। मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर दोनों की पिटाई कर दी। बाद में उन्होंने दोनों युवकों को पुलिस के हवाले कर दिया।

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अहमदाबाद: पहचान को लेकर विवाद, पुलिस ने शुरू की जांच

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वटवा स्थित गरबा पंडाल में मौजूद कार्यकर्ताओं ने दोनों युवकों की पहचान को लेकर सवाल उठाए थे। बताया गया कि पूछताछ के दौरान उनकी धार्मिक पहचान सामने आने के बाद कार्यकर्ताओं ने उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद कथित मारपीट हुई और कार्यकर्ताओं ने दोनों युवकों को पुलिस के हवाले कर दिया। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर कुछ कहता दिखाई देता है। इसके बाद दो पुलिसकर्मी युवकों को अपने साथ ले जाते नजर आते हैं। हालांकि, वीडियो के आधार पर घटना की पूरी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान अधिकारियों को घटना का क्रम, कथित मारपीट और युवकों की पहचान से जुड़े आरोपों की पड़ताल करनी होगी।

इसी बीच, अहमदाबाद में आयोजित एक अन्य बड़े गरबा कार्यक्रम को लेकर भी विवाद सामने आया। मशहूर गुजराती लोक गायक आदित्य गढ़वी ने कार्यक्रम के मंच से गैर-हिंदुओं और मुसलमानों को बाहर जाने के लिए कहे जाने वाले संदेश से असहमति जताई। यह कार्यक्रम शेला रोड स्थित सावना पार्टी प्लॉट में आयोजित हुआ था। आयोजकों ने इसे ‘रंग मोरला ft. आदित्य गढ़वी’ नाम दिया था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एंकर और रेडियो जॉकी आकाश त्रिवेदी मंच से लोगों को संबोधित करते सुनाई देते हैं। वीडियो के अनुसार, उन्होंने गैर-हिंदुओं और मुसलमानों से कार्यक्रम स्थल छोड़ने का अनुरोध किया। उन्होंने इस अपील के साथ विश्व हिंदू परिषद का उल्लेख भी किया। मंच से उपस्थित लोगों को आसपास नजर रखने और किसी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी हेल्पलाइन नंबर पर देने के लिए भी कहा गया।

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मंच से अपील के बाद धार्मिक पहचान पर बहस तेज

वायरल वीडियो में आकाश त्रिवेदी कथित तौर पर कहते सुनाई देते हैं कि गैर-हिंदुओं और मुसलमानों को मैदान से चले जाना चाहिए। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के सनातन धर्म की रक्षा के उद्देश्य का भी उल्लेख किया। इसके अलावा, उन्होंने लोगों से आसपास मौजूद व्यक्तियों पर नजर रखने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना हेल्पलाइन पर देने की अपील की। इस घटना के बाद गरबा आयोजनों में प्रवेश संबंधी नियमों और धार्मिक पहचान के आधार पर लोगों को बाहर करने के मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई। वहीं, आदित्य गढ़वी ने स्पष्ट किया कि मंच से दिया गया संदेश उनका नहीं था और उन्होंने उससे असहमति जताई। इस प्रतिक्रिया ने कार्यक्रम में कलाकार की भूमिका और मंच से दिए जाने वाले सार्वजनिक संदेशों को लेकर भी सवाल उठाए। हालांकि, वायरल वीडियो और संबंधित बयानों के पूरे संदर्भ को समझना जरूरी है।

अहमदाबाद में सामने आए इन दोनों मामलों ने नवरात्रि के गरबा आयोजनों में सुरक्षा, प्रवेश नियमों और धार्मिक पहचान को लेकर बहस को फिर सामने ला दिया है। वटवा की घटना में दो युवकों पर पहचान छिपाकर प्रवेश करने का आरोप लगा, जबकि दूसरे कार्यक्रम में मंच से गैर-हिंदुओं और मुसलमानों को बाहर जाने के लिए कहे जाने का वीडियो सामने आया। दोनों घटनाओं की परिस्थितियां अलग हैं, इसलिए उन्हें एक ही मामले के रूप में देखना उचित नहीं होगा। वटवा की घटना में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि इससे कथित पहचान छिपाने, पूछताछ और मारपीट के आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। दूसरे मामले में आदित्य गढ़वी की प्रतिक्रिया ने मंच से दिए गए संदेश से उनकी असहमति को सामने रखा है।

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