तेलंगाना के नालगोंडा जिले के कोंडामल्लेपल्ली में स्कूल प्रिंसिपल कल्लू रूपा रेड्डी की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में 10वीं कक्षा के दो नाबालिग छात्रों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों छात्रों ने कथित तौर पर प्रिंसिपल के घर में घुसकर लूटपाट की और उनकी हत्या कर दी। आरोपियों ने कथित तौर पर रूपा रेड्डी पर चाकू से करीब 27 वार किए। घटना के बाद दोनों आरोपी नकदी और प्रिंसिपल का iPhone मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए। पुलिस ने जांच के दौरान कई सुराग जुटाए और आखिरकार दोनों संदिग्ध छात्रों तक पहुंची। इस पूरी जांच में प्रिंसिपल की आखिरी फोन बातचीत बेहद अहम साबित हुई।
आखिरी iPhone कॉल और CCTV से खुला हत्या का राज
रूपा रेड्डी ने हत्या से कुछ समय पहले अपनी मौसी से फोन पर बात की थी। बातचीत के दौरान उन्होंने आखिरी बार कथित तौर पर “बाबू” शब्द कहा था। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया और पुलिस ने इस शब्द को जांच का महत्वपूर्ण सुराग माना। जांच में पुलिस को पता चला कि स्कूल में छात्रों को अक्सर “बाबू” कहकर बुलाया जाता था। इसके बाद अधिकारियों ने स्कूल के छात्रों पर ध्यान केंद्रित किया और 13 छात्रों को चिन्हित किया। पुलिस ने इनमें से पांच छात्रों से पूछताछ की और दो 10वीं कक्षा के छात्रों पर विशेष नजर रखी। जांचकर्ताओं ने पाया कि दोनों छात्र घटना के बाद अचानक काफी पैसे खर्च कर रहे थे और महंगी चीजों का इस्तेमाल कर रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, दोनों छात्र एक ही हॉस्टल के कमरे में रहते थे और उन्हें महंगे फोन, बाइक तथा मौज-मस्ती का शौक था। दोनों कथित तौर पर सोशल मीडिया और YouTube के जरिए जल्दी पैसे कमाने के तरीके तलाश रहे थे। इससे पहले प्रिंसिपल ने उनके बैग में फोन और पैसे मिलने के बाद उन्हें फटकार लगाई थी। उन्होंने छात्रों को उनके व्यवहार की जानकारी परिवार तक पहुंचाने की चेतावनी भी दी थी। पुलिस का कहना है कि इसी बात से दोनों छात्र प्रिंसिपल से नाराज हो गए। आरोपियों ने कथित तौर पर हत्या से करीब एक सप्ताह पहले घर की रेकी की। घटना वाले दिन उन्होंने कपड़े बदले, चाकू और दस्ताने खरीदे और CCTV से बचने के लिए घर में पीछे के रास्ते से प्रवेश किया।
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महंगे शौक के लिए रची हत्या की साजिश
पुलिस ने जांच के दौरान इलाके में लगे 70 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। टीमों ने करीब 30 किलोमीटर के क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की जांच की और 80 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस को दो संदिग्ध छात्र बाइक पर जाते दिखाई दिए। अधिकारियों ने डोनियाला X-रोड के पास दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, तलाशी में उनके पास से 1.54 लाख रुपये नकद मिले। जांचकर्ताओं ने 500 रुपये के तीन नोटों पर खून के निशान मिलने का भी दावा किया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर प्रिंसिपल की हत्या और नकदी चोरी करने की बात स्वीकार की।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.54 लाख रुपये नकद, मृतका का मोबाइल फोन और करीब 60 हजार रुपये में खरीदा गया iPhone बरामद किया। इसके अलावा पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल चाकू, ग्लव्स, मास्क और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए। जिला पुलिस अधीक्षक सरथ चंद्र पवार ने मामले की जांच के लिए पांच विशेष टीमें गठित की थीं। टीमों ने CCTV फुटेज, फोरेंसिक सबूत, फिंगरप्रिंट, डॉग स्क्वॉड और तकनीकी विश्लेषण की मदद ली। पुलिस के मुताबिक, आखिरी कॉल में बोले गए “बाबू” शब्द से शुरू हुई जांच ने आखिरकार दोनों संदिग्ध छात्रों तक पहुंच बनाई। मामले में पुलिस ने दोनों नाबालिगों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।


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