पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव जारी है, जबकि पूरी दुनिया भारत का समर्थन कर रही है और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकजुटता दिखा रही है। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेग्सेथ से फोन पर बात की, और हेग्सेथ ने स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिका भारत के साथ मजबूती से खड़ा है और भारत के आत्मरक्षा के हर कदम का समर्थन करता है।
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पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान को बेनकाब करना
भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए पूरी दुनिया में एक व्यापक अभियान चलाया। भारतीय दूतावासों ने विश्वभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष पर्यटकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और हमले की जानकारी दी गई। भारत ने अपने कूटनीतिक प्रयासों के तहत आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता को मजबूत किया।
हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में भारतीय दूतावास ने एक शोकसभा का आयोजन किया, जिसमें भारतीय समुदाय और भारत के मित्रों ने भाग लेकर हमले के शिकार लोगों को श्रद्धांजलि दी और भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की। रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में भी भारतीय वाणिज्य दूतावास ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके अलावा, अल्जीरिया में आईआरसीओएन इंटरनेशनल लिमिटेड के कर्मचारियों और उनके परिवारजनों ने भी आतंकवाद के खिलाफ खड़े होने का संकल्प लिया।
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आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता
जर्मनी के हैम्बर्ग में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वित्त सीनेटर एंड्रियास ड्रेसल सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए। भारतीय वाणिज्य दूतावास हैम्बर्ग ने सोशल मीडिया पर लिखा, “दुनिया भारत के साथ एकजुटता में खड़ी है।” इस प्रकार, विश्व भर में आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता और भारत के प्रति सहानुभूति का स्पष्ट संकेत मिला।
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पहलगाम हमले के बाद, जब पूरी दुनिया ने भारत का समर्थन किया, पाकिस्तान के लिए यह मुश्किल हो गया है कि वह आतंकवाद को लेकर दुनिया के सामने क्या बयान देगा। भारत ने अपनी कूटनीतिक रणनीतियों से साबित कर दिया है कि पाकिस्तान का आतंकवाद में हाथ है, और अब पाकिस्तान के लिए किसी भी मदद की उम्मीद मुश्किल नजर आती है।


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