एजेंसी ने उत्तर भारत में करीब 60 ठिकानों पर आज ताबड़तोड़ छापेमारी की है। नारको टेररिज्म, हथियार तस्करी और गैंग वॉर पर लगाम कसने के लिए यह कार्रवाई की गई है। आज सुबह ही यह ऐक्शन लिया गया है।

संगठित आतंकी समूहों और गैंगस्टरों पर लगाम कसने के लिए एनआईए सक्रिय हो गई है। एजेंसी ने उत्तर भारत में करीब 60 ठिकानों पर छापेमारी की है। नारको टेररिज्म, हथियार तस्करी और गैंग वॉर पर लगाम कसने के लिए यह कार्रवाई की गई है। एनआईए के सूत्रों ने बताया कि अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए यह सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। एजेंसी को अंदेशा है कि एक साजिश के तहत अवैध गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है।
एजेंसी ने उत्तर भारत की 60 जगहों पर छापेमारी की है। एजेंसी का कहना है कि कुछ टॉप गैंग्स को रडार पर लिया गया है, जो भारत में ही ऑपरेट हो रही हैं या फिर उनके गुर्गे विदेश से आतंकवाद को बढ़ाने का काम कर रहे हैं। हाल ही में हरियाणा और पंजाब के पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर एनआईए ने बैठक की थी। एनआईए ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब. राजस्थान और वेस्ट यूपी में कई ठिकानों पर छापेमारी की है। हाल ही में नीरज बवाना गैंग, लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर समेत 10 गैंगस्टरों के खिलाफ एनआईए ने जांच शुरू की थी। बता दें कि पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग का ही हाथ बताया जाता रहा है।
इन बदमाशों पर है नजर:
कहा जा रहा है कि पंजाब के कुछ गैंगस्टर्स का खालिस्तानी आतंकियों और आईएसआई से भी कनेक्शन होने की बात सामने आई है। इससे एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। बता दें कि NIA ने पिछले दिनों नीरज बवाना, लॉरेंस बिश्नोई और टिल्लू ताजपुरिया समेत कई नामी बदमाशों की लिस्ट तैयार की थी। इन गैंगस्टरों का दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत कई राज्यों से नेटवर्क संचालित होता रहा है। यही नहीं इनमें से कई बदमाश तो जेल के अंदर से भी ऐक्टिव रहे हैं। बता दें कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में भी यह बात सामने आई थी कि यह गैंगस्टर्स की आपसी रंजिश का भी नतीजा हो सकता है।
बवाना, बिश्नोई समेत इन गैंगस्टरों पर कस सकता है शिकंजा:
एनआईए ने खासतौर पर जिन गैंग्स पर ऐक्शन लिया है, उनमें कनाडा से गैंग चलाने वाले गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई गैंग शामिल है। इसके अलावा नीरज बवाना, देविंदर बम्बीहा, कौशल चौधरी, टिल्लू ताजपुरिया, दिलप्रीत और सुखप्रीत गैंग शामिल हैं। इसके अलावा भगोड़े आतंकवादी हरविंदर रिंदा के सिंडिकेट पर भी लगाम कसी गई है। आरोप है कि हरविंदर रिंदा दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में अपना सिंडिकेट चलाता रहा है।


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