जापान दुनिया का ऐसा पहला देश बन गया है जहां कोरोना संक्रमण की रिकॉर्ड सातवीं लहर आ चुकी है। लगभग साढ़े 12 करोड़ की आबादी वाले जापान में अब तक 81% आबादी को वैक्सीन की डबल डोज लग चुकी है, जबकि 31% को चौथी डोज लग चुकी है। जापान में लगभग चार हफ्ते पहले रोज लगभग 10 हजार केस ही आ रहे थे, लेकिन अब रोज औसतन लगभग 1.75 लाख केस आ रहे हैं।
फिलहाल जापान के लिए राहत की बात ये है कि वहां कोरोना संक्रमितों के अस्पताल में भर्ती होने की दर मात्र 10% है। ऐसे में अस्पतालों में मरीजों के भर्ती होने की लंबी कतारें नहीं हैं। वैक्सीन की उपलब्धता भी पर्याप्त है। प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने लोगों काे और अधिक सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने फिलहाल इमरजेंसी अथवा अन्य कड़े प्रतिबंध लगाने की आशंका को खारिज किया है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि ओमिक्रॉन का बीए.5 सब वैरिएंट जापान में म्यूटेट हो गया है। इसके कारण वायरस की संरचना में बदलाव आ गया है। इसके चलते कोरोना वैक्सीन का असर भी कम हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार इससे संक्रिमतों की संख्या में अचानक तेजी देखने को मिल रही है।


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