बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद बुधवार को टाटा मोटर्स के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन शेयर 5 प्रतिशत से अधिक चढ़ गया। इसके साथ ही यह 497.80 रुपये के नए 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। वहीं, पिछले 52 हफ्तों में इसका निचला स्तर 306 रुपये रहा है। दरअसल, यह तेजी विदेश से मिले बड़े ऑर्डर के बाद आई।कंपनी ने बताया कि उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई पीटी टाटा मोटर्स डिस्ट्रीब्यूशन इंडोनेशिया ने 70000 वाहनों की आपूर्ति के लिए समझौता किया है। खास बात यह है कि यह अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर है।
इन वाहनों का उपयोग कृषि गतिविधियों और ग्रामीण लॉजिस्टिक्स के लिए किया जाएगा। इससे खेत से बाजार तक परिवहन आसान होगा। साथ ही देशभर में माल की ढुलाई भी बेहतर होगी। कंपनी 35,000 ‘योद्धा’ पिकअप और 35,000 ‘अल्ट्रा T.7’ ट्रक की आपूर्ति करेगी। ये वाहन इंडोनेशिया की सरकारी कंपनी पीटी एग्रीनास पंगन नुसंतारा को दिए जाएंगे।
इंडोनेशिया ऑर्डर से ग्रामीण कनेक्टिविटी को नया बल
इसके अलावा, टाटा मोटर्स ने इस आपूर्ति को दो बड़े रणनीतिक प्रोजेक्ट्स से जोड़ा है। इनमें कोपरासी देसा और केलुरहान मेराह पुतिह प्रोजेक्ट शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि ये वाहन राष्ट्र निर्माण में मदद करेंगे। इससे ग्रामीण कनेक्टिविटी बेहतर होगी। साथ ही रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। नतीजतन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इस मौके पर निदेशक आसिफ शमीम ने कहा कि यह ऑर्डर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय कॉमर्शियल वाहनों की बढ़ती स्वीकार्यता दिखाता है। उन्होंने बताया कि टाटा योद्धा और अल्ट्रा T.7 बेहतर अपटाइम के लिए डिजाइन किए गए हैं। इसके अलावा, इनका संचालन किफायती है। इसलिए इनकी तैनाती से कृषि लॉजिस्टिक्स मजबूत होगी। साथ ही ग्रामीण नेटवर्क में माल की आवाजाही अधिक प्रभावी बनेगी।
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शेयरहोल्डिंग पैटर्न
अब शेयरहोल्डिंग पैटर्न पर नजर डालते हैं। कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 42.56 प्रतिशत है। वहीं, पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 57.44 प्रतिशत हिस्सेदारी है। प्रमोटर समूह में टाटा संस की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। इसके पास 1,47,82,63,541 शेयर हैं। यानी लगभग 40.14 प्रतिशत हिस्सेदारी टाटा संस के पास है। इससे साफ है कि प्रमोटर समूह की मजबूत पकड़ बनी हुई है।
दूसरी ओर, पब्लिक हिस्सेदारी में घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशक शामिल हैं। इसके साथ ही रिटेल निवेशकों की भी भागीदारी है। आमतौर पर सकारात्मक खबरों के बाद इनकी सक्रियता बढ़ती है। इसी वजह से शेयर कीमतों में तेजी देखने को मिलती है। हालिया विदेशी ऑर्डर के बाद आई तेजी भी बढ़ते निवेशक भरोसे का संकेत मानी जा रही है।


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