भारतीय शेयर बाजार में 12 फरवरी को जोरदार गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार के कारोबारी सत्र में निवेशकों की भारी बिकवाली के कारण बाजार में दबाव देखने को मिला। बीएसई सेंसेक्स करीब 465 अंक तक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 फिसलकर 25,821 के नीचे कारोबार करता नजर आया। खासतौर पर आईटी सेक्टर के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार की धारणा कमजोर हुई।
आईटी सेक्टर के दिग्गज शेयरों में भारी गिरावट ने बाजार को और नीचे खींचा। निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट आई और इंफोसिस, विप्रो, टेक महिंद्रा, टीसीएस और टाटा एलेक्सी जैसे बड़े शेयर 5 से 6 प्रतिशत तक टूट गए। निवेशकों ने इन शेयरों में मुनाफावसूली की, जिससे आईटी स्टॉक्स पर दबाव बढ़ गया।
कमजोर वैश्विक संकेतों से घरेलू बाजार पर दबाव
वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने भी भारतीय शेयर बाजार पर असर डाला। एशियाई बाजारों में गिरावट का माहौल रहा और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करता दिखा। वहीं, अमेरिकी शेयर बाजार भी बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ और इसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी बाजार की धारणा को बिगाड़ दिया। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 69.72 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई का खतरा बढ़ता है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी और शेयर बाजार में बिकवाली तेज हुई।
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AI चुनौतियां और फेड नीति से टेक शेयरों पर दबाव
आईटी शेयरों में गिरावट के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर की चुनौतियां और अमेरिकी फेड की ब्याज दर नीति भी बड़ी वजह बनी। बाजार को उम्मीद थी कि फेड ब्याज दरों में कटौती करेगा, लेकिन हालिया संकेतों से कटौती की संभावना कम नजर आ रही है। इससे टेक सेक्टर के शेयरों पर दबाव बढ़ा और निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए शेयर बेचे।कारोबार के दौरान प्रमुख सूचकांकों में लगातार कमजोरी देखने को मिली।
सुबह करीब 11:50 बजे बीएसई सेंसेक्स 464.54 अंक या 0.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,769.10 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 50 करीब 129.80 अंक या 0.50 प्रतिशत टूटकर 25,824.05 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक संकेतों और सेक्टरल बिकवाली के कारण निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
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