गोल्डमैन सैश ने अनुमान लगाया है कि दिसंबर 2025 तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का दाम 1,111 डॉलर प्रति 10 ग्राम या 3,150 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। वर्तमान दरों पर निवेश करने से 19% का लाभ संभावित है। रिपोर्ट के अनुसार, महंगाई और देशों के बीच बढ़ते तनाव के चलते सोने की मांग में यह वृद्धि संभव है।
सोने की बढ़ती कीमतों के मुख्य कारण
सोने के दाम में इजाफे का बड़ा कारण वैश्विक केंद्रीय बैंकों की बढ़ी हुई खरीदारी है। अमेरिकी राजकोषीय स्थिरता, व्यापार में मंदी, और युद्ध से जुड़ी चिंताओं ने भी कीमतों को बढ़ावा दिया है। गोल्डमैन सैश ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि महंगाई और राजकोषीय जोखिमों के कारण एक्सचेंज-ट्रेडेड फ्लो (ETF) में वृद्धि हो सकती है। हालांकि, उच्च ब्याज दरें और मजबूत डॉलर सोने की कीमतों के लिए जोखिम बने रहेंगे।
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3,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है सोना
यूबीएस ने भी सोने की कीमतों में तेजी का अनुमान जताया है। उनके अनुसार, दिसंबर 2025 तक सोना 2,900 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है और अधिकतम 3,000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है। हालांकि, वर्ष के अंत तक यह मामूली बढ़ोतरी के साथ 2,700 डॉलर प्रति औंस रह सकता है।
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कच्चे तेल की कीमतें भी दिखा सकती हैं उतार-चढ़ाव
गोल्डमैन सैश ने बताया है कि ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें आने वाले वर्षों में 70-85 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में रह सकती हैं। अगर देशों के बीच तनाव और आपूर्ति में बाधा आती है, तो यह 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। फिलहाल, 2025 के अंत तक ब्रेंट कच्चे तेल का औसत मूल्य 73 डॉलर तक गिरने का अनुमान है।


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