October 23, 2026

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Jio Platforms IPO में निवेशकों की भारी दिलचस्पी, तीसरे दिन सब्सक्रिप्शन 6 गुना के पार पहुंचा

मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को शेयर बाजार में निवेशकों का मजबूत समर्थन मिल रहा है। ₹30,213 करोड़ के इस सार्वजनिक निर्गम में तीसरे दिन भी निवेशकों ने जमकर बोलियां लगाईं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के अनुसार, 23 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे तक आईपीओ को कुल 6.03 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। निवेशकों ने उपलब्ध लगभग 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 119 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए आवेदन किया। बड़े संस्थागत निवेशकों ने इस निर्गम में विशेष दिलचस्पी दिखाई और उनकी श्रेणी में सबसे ज्यादा मांग दर्ज हुई। इस मजबूत प्रतिक्रिया ने बाजार में जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों को लेकर निवेशकों की रुचि को उजागर किया।

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Jio Platforms IPO: QIB निवेशकों ने दिखाई सबसे ज्यादा दिलचस्पी

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) ने सबसे मजबूत मांग दर्ज कराई। 23 अक्टूबर को सुबह 10 बजे तक इस श्रेणी को 13.31 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। संस्थागत निवेशकों ने अपने लिए आरक्षित लगभग 4.90 करोड़ शेयरों के मुकाबले 65.57 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NIIs) ने भी आईपीओ में अच्छी दिलचस्पी दिखाई। इस श्रेणी को 7.41 गुना सब्सक्रिप्शन मिला और निवेशकों ने आरक्षित 3.64 करोड़ शेयरों के मुकाबले 27.02 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन किया। इन आंकड़ों से पता चलता है कि बड़े निवेशकों ने जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में मजबूत रुचि दिखाई। हालांकि, सब्सक्रिप्शन के आंकड़े शेयर की लिस्टिंग के बाद मिलने वाले रिटर्न की गारंटी नहीं देते।

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में खुदरा निवेशकों ने भी भागीदारी दिखाई। 23 अक्टूबर को सुबह 10 बजे तक रिटेल श्रेणी को 1.75 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। कंपनी ने इस श्रेणी के लिए लगभग 8.50 करोड़ शेयर आरक्षित किए थे, जबकि निवेशकों ने 14.86 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। कर्मचारियों के लिए निर्धारित हिस्से को 2.27 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। दूसरी ओर, कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों के लिए आरक्षित श्रेणी में 4.74 गुना मांग दर्ज हुई। इन आंकड़ों से पता चलता है कि संस्थागत निवेशकों के साथ अन्य श्रेणियों के निवेशकों ने भी इस सार्वजनिक निर्गम में रुचि दिखाई। हालांकि, अलग-अलग श्रेणियों में सब्सक्रिप्शन का स्तर अलग रहा। निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि आईपीओ में आवेदन करने से शेयर आवंटन सुनिश्चित नहीं होता।

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एंकर निवेशकों से जुटाए ₹8,110 करोड़

आईपीओ खुलने से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स ने एंकर निवेशकों से लगभग ₹8,110 करोड़ जुटाए। कंपनी ने 19 अक्टूबर 2026 को 212 एंकर निवेशकों को ₹1,119 प्रति शेयर के ऊपरी प्राइस बैंड पर शेयर आवंटित किए। एंकर निवेशक आमतौर पर बड़े संस्थागत निवेशक होते हैं, जिन्हें आईपीओ खुलने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत शेयर आवंटित किए जाते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एंकर बुक में पेश किए गए शेयरों के मुकाबले 30 गुना से अधिक मांग आई। इस निवेशक समूह में ब्लैकरॉक, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, जीआईसी और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे प्रमुख नाम शामिल थे। एंकर निवेशकों की भागीदारी ने आईपीओ से पहले ही बाजार का ध्यान आकर्षित किया था। इसके बाद सार्वजनिक निर्गम में मिली मजबूत प्रतिक्रिया ने निवेशकों की दिलचस्पी को और उजागर किया।

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर 2026 को खुला था और पहले दिन लगभग 100 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। तीसरे दिन भी मजबूत मांग जारी रहने से निवेशकों का ध्यान अब शेयर आवंटन और लिस्टिंग की तारीखों पर केंद्रित हो गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कंपनी 26 अक्टूबर तक शेयरों का अलॉटमेंट पूरा कर सकती है। वहीं, शेयरों की बाजार में लिस्टिंग 28 अक्टूबर को प्रस्तावित है। निवेशक आवंटन की स्थिति संबंधित रजिस्ट्रार या स्टॉक एक्सचेंज के आधिकारिक माध्यमों से जांच सकते हैं। हालांकि, इन तारीखों में बदलाव होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए निवेशकों को कंपनी और एक्सचेंज की ओर से जारी नवीनतम सूचनाओं पर भरोसा करना चाहिए। मजबूत सब्सक्रिप्शन के बावजूद निवेशकों को लिस्टिंग से होने वाले संभावित लाभ का अनुमान लगाते समय बाजार की परिस्थितियों और अपने निवेश जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए।

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