सोने और चांदी की कीमतों में इन दिनों लगातार उतार-चढ़ाव का दौर बना हुआ है। बीते कुछ सत्रों में जहां
कीमती धातुओं में तेज गिरावट देखने को मिली थी, वहीं अब लेटेस्ट बाजार रुझानों के अनुसार धीरे-धीरे सुधार
के संकेत उभरते नजर आ रहे हैं। इस अस्थिरता का सीधा असर निवेशकों की रणनीति पर पड़ा है, जबकि आम
खरीदार भी खरीदारी से पहले रुककर हालात को समझने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय
दोनों बाजारों से आने वाले लेटेस्ट संकेत बेहद अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि इन्हीं के आधार पर कीमतों की आगे
की दिशा तय होने की संभावना है।
बाजार में दिखी हल्की राहत
कई कारोबारी सत्रों तक लगातार दबाव में रहने के बाद अब गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में सीमित
लेकिन महत्वपूर्ण बढ़त दर्ज की गई। इंडिया बुलियन वेबसाइट के आंकड़ों के अनुसार चांदी की कीमत बढ़कर
करीब 2.71 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गई है। वहीं सोने के दामों में भी हल्का सुधार देखा गया और
यह लगभग 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। इस तेजी ने बाजार को कुछ हद
तक राहत दी है, हालांकि कीमतें अभी भी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से काफी नीचे बनी हुई हैं।
इसके अलावा शुरुआती कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड की कीमत में करीब 1.2 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली,
जिससे यह संकेत मिला कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में धारणा में सुधार हो रहा है। हालांकि इससे पहले लगातार दो सत्रों में
आई तेज गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया था। इसके बावजूद साल की शुरुआत से अब तक सोना करीब 15
फीसदी की बढ़त बनाए हुए है, जो यह दर्शाता है कि लंबी अवधि में इसकी मांग अब भी मजबूत बनी हुई है।
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अंतरराष्ट्रीय संकेतों से मिला समर्थन
इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों का असर घरेलू सर्राफा बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।
खासतौर पर अमेरिकी डॉलर में कमजोरी आने से सोने और चांदी की कीमतों को सहारा मिला है। जानकारों के
मुताबिक वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, ब्याज दरों को लेकर बनी आशंकाओं और भू-राजनीतिक तनावों के चलते
निवेशक एक बार फिर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं की मांग बढ़ी है।
वहीं चांदी की कीमतों में भी मजबूती दर्ज की गई और यह 90 डॉलर प्रति औंस के स्तर के ऊपर पहुंच गई। व्यापारियों
का कहना है कि पिछले सप्ताह की भारी बिकवाली के बाद अब बाजार में धीरे-धीरे खरीदारी लौट रही है। इसी कड़ी
में ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार चांदी की कीमत में करीब 14,300 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज
की गई है, जिससे बाजार में स्थिरता के संकेत मिलने लगे हैं।
पहले क्यों आई थी तेज गिरावट
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह चांदी की कीमतों में अब तक की सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट दर्ज की गई थी,
जिसने बाजार में हलचल मचा दी थी। इसी तरह सोने में भी 2013 के बाद की सबसे तेज गिरावट देखने को मिली
थी। 29 जनवरी को सोना और चांदी दोनों ही अपने ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंचे थे, लेकिन इसके बाद मुनाफावसूली
का सिलसिला शुरू हो गया और कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि सप्ताह की शुरुआत से ही दोनों धातुओं में रिकवरी के संकेत दिखने लगे थे। विश्लेषकों का मानना है कि
इससे पहले कीमतें बहुत तेजी से और जरूरत से ज्यादा बढ़ गई थीं, जिस कारण बाजार में करेक्शन आना
स्वाभाविक था। आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतों की चाल अंतरराष्ट्रीय बाजारों की स्थिति, डॉलर
की मजबूती या कमजोरी और निवेशकों की धारणा पर निर्भर करेगी।
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