अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ-साथ घरेलू बाजार में भी सोना और चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन तेज गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की ओर से बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग होने से कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ गया है।
सोमवार सुबह करीब 10 बजे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4.20 प्रतिशत (करीब 206 डॉलर) टूटकर 4,689.43 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। इसी दौरान चांदी भी 6.51 प्रतिशत (लगभग 5.56 डॉलर) की गिरावट के साथ 79.76 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती नजर आई।
घरेलू बाजार की बात करें तो MCX पर 2 अप्रैल डिलीवरी वाला सोना करीब 3 प्रतिशत (लगभग 4,000 रुपये) गिरकर 1,38,256 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, 5 मार्च डिलीवरी वाली चांदी 6 प्रतिशत (करीब 16,000 रुपये) की गिरावट के साथ 2,49,713 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।
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प्रॉफिट बुकिंग और CME के सख्त नियमों से सोना और चांदी दबाव में, घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेज गिरावट
इस गिरावट के पीछे CME का बड़ा फैसला भी अहम कारण माना जा रहा है। CME के अनुसार, गोल्ड फ्यूचर्स में सभी रिस्क कैटेगरी के लिए मार्जिन की जरूरतें बढ़ाई जाएंगी। नॉन-हाइटेंड रिस्क पोजीशन के लिए मार्जिन 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 8 प्रतिशत किया जाएगा, जबकि हाइटेंड रिस्क पोजीशन के लिए इसे 6.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.8 प्रतिशत किया जाएगा।
इसी तरह, सिल्वर फ्यूचर्स में भी मार्जिन बढ़ाने का फैसला लिया गया है। नॉन-हाइटेंड रिस्क पोजीशन के लिए मार्जिन 11 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया जाएगा, जबकि हाइटेंड रिस्क पोजीशन के लिए यह 12.1 प्रतिशत से बढ़कर 16.5 प्रतिशत हो जाएगा।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि मार्जिन की बढ़ी हुई जरूरतों से डेरिवेटिव्स सेगमेंट में ट्रेडर्स को ज्यादा पूंजी लगानी पड़ेगी, जिससे सट्टेबाजी कम हो सकती है और लिक्विडिटी पर असर पड़ सकता है। कमजोर वैश्विक संकेतों और CME के सख्त नियमों के बीच निवेशक लगातार मुनाफावसूली कर रहे हैं, जिसकी वजह से सोने और चांदी की कीमतों में इतनी तेज गिरावट देखने को मिल रही है।
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