October 31, 2026

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सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, एक महीने में सोना ₹12,000 और चांदी ₹48,000 तक सस्ती

अक्टूबर महीने में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट ने बाजार का रुख बदल दिया है। फेस्टिव सीजन में आभूषण खरीदने की योजना बना रहे लोगों को इससे राहत मिली है। महज एक महीने के भीतर दोनों कीमती धातुओं के भाव काफी नीचे आ गए हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के आंकड़ों के अनुसार, 1 अक्टूबर को सोना ₹1,50,700 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, 30 अक्टूबर को इसकी कीमत घटकर लगभग ₹1,38,400 रह गई। इस तरह अक्टूबर में सोना करीब ₹12,300 प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ। चांदी ने भी इसी दौरान बड़ी गिरावट दर्ज की। 1 अक्टूबर को चांदी ₹2,27,200 प्रति किलोग्राम पर थी। 30 अक्टूबर को इसका भाव गिरकर ₹1,79,132 पर पहुंच गया। यानी महीनेभर में चांदी लगभग ₹48,000 प्रति किलो सस्ती हुई।

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शुक्रवार को सोने और चांदी के भाव में तेज गिरावट

शुक्रवार, 30 अक्टूबर को MCX पर कारोबार के दौरान सोने और चांदी में भारी बिकवाली देखने को मिली। दिसंबर डिलीवरी वाले सोने का भाव 2.88 प्रतिशत गिरकर ₹1,38,485 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इस गिरावट के चलते सोने की कीमत में ₹4,111 की कमी दर्ज हुई। दूसरी ओर, चांदी ने सोने के मुकाबले ज्यादा तेज गिरावट दिखाई। चांदी का भाव 5.45 प्रतिशत टूटकर ₹1,79,132 प्रति किलोग्राम पर आ गया। इसके साथ ही चांदी की कीमत में ₹10,321 की कमी दर्ज की गई। घरेलू बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी निवेशकों ने दोनों धातुओं की बिकवाली की। स्पॉट गोल्ड 3.61 प्रतिशत गिरकर लगभग 3,875 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर 5.82 प्रतिशत फिसलकर 49.10 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करने लगी।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख ने सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ाया। फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 3.75 से 4 प्रतिशत के बीच स्थिर रखा। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने महंगाई को लेकर अपनी चिंता भी जाहिर की। इस रुख के बाद निवेशकों ने भविष्य में ब्याज दरों को लेकर नए अनुमान लगाने शुरू किए। बाजार में आगे ब्याज दरें बढ़ने की आशंका ने कीमती धातुओं की मांग को प्रभावित किया। आमतौर पर ब्याज दरें ऊंची रहने पर सोने जैसे बिना ब्याज वाले निवेश की आकर्षकता घट सकती है। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में बदलाव भी सोने-चांदी के भाव को प्रभावित करते हैं। इन कारकों के चलते शुक्रवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दोनों धातुओं पर दबाव बना रहा।

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आने वाले दिनों में किन कारकों पर निर्भर रहेंगी कीमतें?

विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतें कई वैश्विक आर्थिक कारकों से प्रभावित होंगी। अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है। इसके साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बदलाव भी निवेशकों के फैसलों को प्रभावित करेगा। फेडरल रिजर्व की आगामी नीतियां कीमती धातुओं की मांग पर असर डाल सकती हैं। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी महंगाई और बाजार की उम्मीदों को बदल सकता है। यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव आता है, तो सोने-चांदी के भाव में नई हलचल देखने को मिल सकती है। हालांकि, मौजूदा गिरावट के बाद भी बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। इसलिए निवेशकों को केवल एक दिन की गिरावट देखकर जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहिए।

सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने त्योहारों पर खरीदारी करने वालों का ध्यान खींचा है। कम भाव देखकर कई ग्राहक आभूषण खरीदने की योजना बना सकते हैं। हालांकि, खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार में उस दिन का वास्तविक भाव जरूर जांचें। आभूषण खरीदते समय मेकिंग चार्ज, जीएसटी और शुद्धता से जुड़ी जानकारी भी समझें। सोने की खरीदारी में हॉलमार्क और चांदी की खरीदारी में शुद्धता का प्रमाण देखना जरूरी है। निवेश करने वाले लोगों को बाजार के उतार-चढ़ाव और अपनी वित्तीय जरूरतों पर भी विचार करना चाहिए। कीमतों में आई गिरावट भविष्य में बढ़ोतरी की गारंटी नहीं देती। इसलिए खरीदारी या निवेश से पहले भरोसेमंद विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहेगा।

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