गोवा में टैक्सी सेवाओं को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय टैक्सी चालकों ने निजी कैब एग्रीगेटर ऐप्स के खिलाफ विरोध तेज कर दिया है, वहीं सरकार उन्हें राज्य-समर्थित ऐप्स से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही है। इस गतिरोध ने पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों को असुविधा में डाल दिया है।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने ‘Goa Taxi App’ और अन्य सरकारी प्लेटफॉर्म्स को बढ़ावा देने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं, ताकि सेवा पारदर्शी और यात्रियों के लिए सुलभ हो सके। लेकिन, टैक्सी चालकों का एक बड़ा वर्ग इस कदम का विरोध कर रहा है। उनका तर्क है कि इन ऐप्स के जरिए उनकी आमदनी घट जाएगी और वे बड़े प्लेटफॉर्म्स के सामने टिक नहीं पाएंगे।
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सरकार की अपील और गोवा में टैक्सी यूनियनों की नाराजगी
सरकार ने सार्वजनिक बयान जारी कर टैक्सी चालकों से आग्रह किया है कि वे राज्य द्वारा संचालित ऐप्स से जुड़ें और पारदर्शिता व जवाबदेही को अपनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए जरूरी है।
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वहीं टैक्सी यूनियनों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे हड़ताल पर जा सकते हैं। यूनियनों ने कहा कि उन्हें ऐप आधारित मॉडल से डर है क्योंकि इससे उनके पारंपरिक व्यवसाय को खतरा है।
इस विवाद के बीच पर्यटक सबसे ज़्यादा परेशान हैं। कई बार उन्हें तय रेट से अधिक पैसे देने पड़ रहे हैं या फिर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। गोवा सरकार अब इस मुद्दे को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की कोशिश कर रही है, ताकि पर्यटन उद्योग पर इसका नकारात्मक असर न पड़े।


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