शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच डिफेंस कंपनियों के शेयरों में मजबूत तेजी देखने को मिल रही है। कई सेक्टरों में बिकवाली का दबाव बना हुआ है। हालांकि डिफेंस सेक्टर इससे अलग दिखाई दे रहा है। दरअसल निवेशकों की खरीदारी इस सेक्टर में लगातार बढ़ रही है। इसी कारण डिफेंस कंपनियों के शेयरों में लगातार दूसरे दिन मजबूती दर्ज की गई। शुक्रवार को निफ्टी डिफेंस इंडेक्स में करीब 3 प्रतिशत की तेजी देखी गई। वहीं इससे पहले गुरुवार को भी यह इंडेक्स लगभग 2.5 प्रतिशत चढ़ा था। इस लगातार बढ़त के बाद इंडेक्स 7 महीनों के उच्चतम स्तर 8579.80 अंक तक पहुंच गया। इसलिए बाजार में इस सेक्टर को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है। साथ ही कई निवेशक इसे भविष्य के लिहाज से मजबूत मान रहे हैं।
इसी बीच कई प्रमुख डिफेंस कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई है। उदाहरण के तौर पर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के शेयरों में लगातार तेजी देखी गई। निवेशकों ने इन कंपनियों के शेयरों में बढ़-चढ़कर खरीदारी की है। इसके कारण इन कंपनियों के शेयर बाजार में चर्चा का विषय बने हुए हैं। इसके अलावा बाजार के जानकार भी इस सेक्टर को लेकर आशावादी नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि अनिश्चित माहौल में भी डिफेंस सेक्टर में मजबूती बनी हुई है।
डिफेंस कंपनियों के शेयरों में तेज उछाल
दरअसल शुक्रवार को निफ्टी डिफेंस इंडेक्स में शामिल 18 कंपनियों में से 17 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। इससे साफ है कि निवेशकों का भरोसा इस सेक्टर पर मजबूत बना हुआ है। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स का शेयर करीब 6.92 प्रतिशत तक चढ़ गया। वहीं गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स के शेयर में लगभग 6.14 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि इस तेजी के बीच सायंट डीएलएम का शेयर गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया। इसके बावजूद ज्यादातर कंपनियों के शेयरों में तेजी का माहौल बना रहा।
इसके अलावा पारस डिफेंस, एमटीएआर टेक्नोलॉजी और भारत डायनेमिक्स के शेयरों में भी करीब 7 प्रतिशत तक की उछाल देखी गई। वहीं भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और डाटा पैटर्न्स के शेयर 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर तक पहुंच गए। इसलिए निवेशकों के बीच इन कंपनियों को लेकर उत्साह बढ़ता दिखाई दे रहा है। साथ ही कई बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि डिफेंस सेक्टर आने वाले समय में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। इसी कारण निवेशक इस सेक्टर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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वैश्विक तनाव का भी दिखा असर
दूसरी ओर वैश्विक हालात का असर भी डिफेंस कंपनियों के शेयरों पर साफ दिखाई दे रहा है। खासतौर पर ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया है। इसके कारण कई देशों ने अपनी सुरक्षा तैयारियों पर ध्यान बढ़ा दिया है। इसलिए डिफेंस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों की मांग भी बढ़ने लगी है। यही वजह है कि निवेशकों की दिलचस्पी इस सेक्टर में लगातार बढ़ रही है।
दरअसल मौजूदा वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में कई देश अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। भारत भी इस दिशा में लगातार काम कर रहा है। सरकारें मिसाइल सिस्टम, सर्विलांस तकनीक, ड्रोन और रडार जैसे आधुनिक उपकरणों की खरीद पर जोर दे रही हैं। इसके अलावा गोला-बारूद और उन्नत रक्षा तकनीक पर भी निवेश बढ़ाया जा रहा है। इसलिए डिफेंस कंपनियों के लिए नए ऑर्डर मिलने की संभावना मजबूत मानी जा रही है। इसी कारण इस सेक्टर के शेयरों में हाल के दिनों में लगातार तेजी देखी जा रही है।


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