भारतीय एफएमसीजी कंपनी डाबर इंडिया लिमिटेड ने बताया है कि उसकी सहयोगी कंपनी के खिलाफ अमेरिका और कनाडा में ग्राहकों ने मुकदमा दर्ज किया है. अमेरिका और कनाडा के ग्राहकों का आरोप है कि डाबर के हेयर रिलैक्सर प्रोडक्ट से ओवरी और यूट्रस कैंसर के साथ कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं. डाबर इंडिया ने बताया है कि इस समय कई मामले अमेरिकी और कनाडाई अदालतों में जारी हैं और याचिकाएं अर्ली डिस्कवरी फेज में हैं.
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डाबर इंडिया ने शेयर बाजार को यह जानकारी दी है. डाबर इंडिया ने कहा है कि उसके प्रोडक्ट के खिलाफ लगाए गए यह आरोप सही नहीं है. डाबर इंडिया ने कहा है कि अमेरिका और कनाडा में कई कंपनियों के खिलाफ 5400 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं. इसमें डाबर की सहयोगी कंपनी भी शामिल है.
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भारतीय एफएमसीजी कंपनी डाबर इंडिया: मुकदमे की वजह से होने वाले वित्तीय असर का भविष्य पर प्रभाव
इसके साथ ही नमस्ते लैबोरेट्री, डर्मो विवा स्किन एसेंशियल और डाबर इंटरनेशनल जैसी कंपनियों के खिलाफ अमेरिका के कई अदालत में मामला दायर किया गया है. पिछले 5 दिन में डाबर इंडिया लिमिटेड के शेयरों में इस वजह से करीब चार फीसदी की कमजोरी आ चुकी है.
करीब 91790 करोड रुपए के मार्केट कैप वाली डाबर इंडिया लिमिटेड के शेयरों का 52 हफ्ते का उच्च स्तर 610 रुपए जबकि 52 हफ्ते का निचला स्तर 503 रुपए है. इस समय डाबर इंडिया लिमिटेड के शेयर अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहे हैं.
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पिछले 1 महीने में डाबर इंडिया लिमिटेड के शेयरों ने निवेशकों की पूंजी 8 फीसदी घटा दी है. अमेरिका और कनाडा की कई अदालत में डाबर इंडिया की वाटिका शैंपू और हनीटस कफ सिरप ब्रांड के खिलाफ यह मामला दर्ज किया गया है.
डाबर इंडिया ने कहा है कि इन मुकदमे की वजह से होने वाले वित्तीय असर के बारे में अभी भरोसे से कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन भविष्य में इससे कंपनी के कामकाज पर असर पड़ सकता है.
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