वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में आम लोगों के लिए अहम घोषणाएं कीं। कई घोषणाओं को ज्यादा तवज्जो नहीं मिली, लेकिन उनका असर बड़ा हो सकता है। टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन कुछ सेक्टर में राहत दी गई।
टूरिज्म, आयुर्वेद, रेयर अर्थ और हाई स्पीड कॉरिडोर पर नए नियम लागू होंगे।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स (एसजीबी) पर टैक्स नियम अब कड़े हो गए हैं। प्राइमरी इश्यू से खरीदे गए बॉन्ड्स पर ही कैपिटल गेन्स टैक्स छूट मिलेगी। सेकेंडरी मार्केट से खरीदे गए बॉन्ड्स पर अब टैक्स देना होगा। यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और निवेशकों को ध्यान रखना होगा।SGB
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बजट 2026: टैक्स, क्रिप्टो और विदेश रेमिटेंस में बड़े बदलाव
डेरिवेटिव्स, फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग पर टैक्स बढ़ाया गया है। फ्यूचर्स पर एसटीटी 0.02% से 0.05% और ऑप्शंस पर 0.10% से 0.15% हुआ। इसका असर सौदों की कुल लागत और निवेशकों के मुनाफ़े पर पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य ज्यादा पारदर्शिता और निवेश में अनुशासन लाना है।
एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीदने में अब आसान प्रक्रिया लागू होगी। भारतीय खरीदार अपने पैन का इस्तेमाल कर टीडीएस काट सकेंगे। क्रिप्टो निवेशकों को 1 अप्रैल 2026 से जानकारी सही देने की पेनल्टी लगेगी। विदेश शिक्षा और मेडिकल के लिए भेजे पैसे पर टीसीएस 5% से घटाकर 2% हुआ।
टीसीएस यानी टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स, बैंक या डीलर विदेश पैसे भेजते वसूलते हैं। एलआरएस यानी लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम, हर वर्ष विदेश भेजी जा सकने वाली राशि तय करता है। टीसीएस अतिरिक्त टैक्स नहीं है, रिटर्न फाइल करते समय यह कुल टैक्स से adjust होता है। एलआरएस तहत 2.5 लाख डॉलर तक शिक्षा, इलाज, निवेश या गिफ्ट के लिए भेज सकते हैं।


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