BMC ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 80,952 करोड़ रुपये का विशाल बजट पेश कर एक बार फिर देश की सबसे अमीर नगरपालिकाओं में अपनी मजबूत स्थिति दिखाई है। यह बजट पिछले वित्त वर्ष 2025–26 के 74,427 करोड़ रुपये के मुकाबले 6,525 करोड़ रुपये अधिक है। बीएमसी कमिश्नर Bhushan Gagrani ने यह बजट स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन Prabhakar Shinde को प्रस्तुत किया और साफ किया कि इस बार प्रशासन शहर के समग्र विकास, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष फोकस रखेगा।
बीएमसी ने इस बजट में पूंजीगत खर्च को सबसे अधिक प्राथमिकता दी है। कुल बजट का लगभग 60 प्रतिशत यानी 48,164.28 करोड़ रुपये कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए निर्धारित किए गए हैं। प्रशासन इन फंड्स को सड़कों, पुलों, सीवरेज सिस्टम, जल आपूर्ति परियोजनाओं, शहरी नवीनीकरण और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर खर्च करेगा, ताकि मुंबई की बढ़ती आबादी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक समाधान तैयार किए जा सकें। इसके अलावा, प्रशासन ने 32,788.28 करोड़ रुपये यानी करीब 40 प्रतिशत राशि रेवेन्यू खर्च के लिए तय की है, जिससे कर्मचारियों के वेतन, मेंटेनेंस, स्वास्थ्य सेवाओं, सफाई व्यवस्था और अन्य नागरिक सेवाओं का संचालन सुचारू रूप से किया जाएगा।
राजस्व जुटाने के लिए बीएमसी ने कई अहम स्रोतों पर भरोसा जताया है। प्रशासन को ऑक्ट्रॉय के बदले मुआवजे से 15,550.02 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है, जो उसकी आय का बड़ा हिस्सा होगा। इसके अलावा, डेवलपमेंट प्लान (DP) फीस और प्रीमियम से 12,050 करोड़ रुपये, प्रॉपर्टी टैक्स से 7,000 करोड़ रुपये और विभिन्न निवेशों पर ब्याज से 2,572.23 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। इन आय स्रोतों के जरिये बीएमसी अपने महत्वाकांक्षी विकास कार्यक्रमों को वित्तीय मजबूती देने की योजना बना रही है।
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मुंबई फायर ब्रिगेड को दोगुना बजट, आपात सेवाएं होंगी मजबूत
आपात सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए बीएमसी ने इस बार मुंबई फायर ब्रिगेड के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की है। प्रशासन ने 2026–27 के लिए 230.90 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो पिछले वर्ष 2025–26 के 111.68 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग दोगुना है। इस बढ़े हुए फंड से फायर स्टेशनों के आधुनिकीकरण, अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद, नई गाड़ियों की तैनाती और कर्मचारियों की ट्रेनिंग में सुधार किया जाएगा, जिससे आपदा और आगजनी जैसी घटनाओं से निपटने की क्षमता और मजबूत हो सके।
सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बीएमसी ने बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) अंडरटेकिंग को 1,000 करोड़ रुपये देने का प्रावधान किया है। प्रशासन वर्ष 2012–13 से लगातार BEST को आर्थिक सहायता देता आ रहा है और जनवरी 2026 तक कुल 12,028.81 करोड़ रुपये की मदद कर चुका है। बीएमसी इस राशि के जरिए बस सेवाओं के विस्तार, इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देने, डिपो इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने की दिशा में कदम उठाएगा, ताकि मुंबईकरों को बेहतर और सस्ती पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुविधा मिल सके।
कुल मिलाकर, बीएमसी ने 2026–27 के बजट के माध्यम से स्पष्ट संकेत दिया है कि वह मुंबई को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में आक्रामक तरीके से काम करेगी। प्रशासन इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, राजस्व सुदृढ़ीकरण, आपात सेवाओं की मजबूती और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुधार जैसे क्षेत्रों में संतुलित निवेश कर शहर की आर्थिक और सामाजिक जरूरतों को पूरा करने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है।
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