रिलायंस पावर के CFO की गिरफ्तारी के बीच बुधवार को शेयरों में करीब 5% की तेज उछाल दर्ज की गई, जिससे बाजार में हलचल बढ़ गई और निवेशकों का ध्यान इस स्टॉक पर फिर से केंद्रित हो गया। इस तेजी के चलते शेयर ₹28.36 की पिछली क्लोजिंग से बढ़कर ₹29.71 तक पहुंच गया। हालांकि, इस उछाल के बावजूद शेयर का भाव अभी भी ₹30 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे बना हुआ है, जो इसके हालिया प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव को दर्शाता है। दिलचस्प बात यह है कि यह तेजी ऐसे समय में देखने को मिली है जब कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) की गिरफ्तारी की खबर सामने आई है। आमतौर पर इस तरह की नकारात्मक खबरों का असर शेयर पर दबाव के रूप में दिखाई देता है।
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CFO फर्जी गारंटी मामला
लेकिन इसके विपरीत यहां निवेशकों ने सकारात्मक रुख अपनाया। इससे यह संकेत मिलता है कि कुछ निवेशक इस गिरावट या अनिश्चितता को खरीदारी के अवसर के रूप में देख रहे हैं और भविष्य में रिकवरी की उम्मीद कर रहे हैं। दरअसल, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने रिलायंस पावर के CFO अशोक कुमार पाल समेत दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने भारतीय सौर ऊर्जा निगम (SECI) से टेंडर हासिल करने के लिए ₹136 करोड़ से अधिक की फर्जी बैंक गारंटी तैयार की और उसका इस्तेमाल किया। यह मामला वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसकी जांच फिलहाल जारी है।
इसके अलावा, जांच एजेंसियों के अनुसार यह पूरा मामला एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था, जिसमें बिचौलियों की मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। रिलायंस पावर की एक सहायक कंपनी ने टेंडर प्रक्रिया के दौरान करीब ₹68.20 करोड़ की दो फर्जी बैंक गारंटियां जमा की थीं, जिन्हें कथित तौर पर विदेशी बैंकों द्वारा जारी दिखाया गया। यह मामला SECI के एक अधिकारी की शिकायत के बाद दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने विशेष टीम बनाकर जांच को आगे बढ़ाया और आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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शेयर पर असर
हालांकि इतनी बड़ी कानूनी कार्रवाई और गंभीर आरोपों के बावजूद, रिलायंस पावर के शेयर में मजबूती देखने को मिली। बुधवार को शेयर करीब 5% की बढ़त के साथ ट्रेड करता नजर आया, जिससे बाजार में इस स्टॉक को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई। यह तेजी दर्शाती है कि निवेशकों का एक वर्ग अभी भी इस शेयर में संभावनाएं देख रहा है।
वहीं, अगर पिछले 52 हफ्तों के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो इस शेयर का न्यूनतम स्तर ₹20.23 और उच्चतम स्तर ₹76.49 रहा है। इससे साफ है कि स्टॉक में काफी वोलाटिलिटी बनी हुई है और इसमें निवेश करने वालों के लिए जोखिम और अवसर दोनों मौजूद हैं। आने वाले समय में जांच के नतीजे, कंपनी की स्थिति और बाजार का मूड इस शेयर की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
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