April 24, 2026

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एयर इंडिया ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज, लागत पर ईरान-इजराइल असर

ईरान-इजराइल युद्ध और वैश्विक अस्थिरता का असर अब हवाई यात्रा पर साफ दिखाई दे रहा है। एयर इंडिया ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का फैसला किया है। यह कदम बढ़ती ATF लागत को संतुलित करने के लिए लिया गया है। नया सरचार्ज घरेलू उड़ानों पर 8 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जबकि अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर यह 10 अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा। यात्रियों को अब टिकट पर ₹899 तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है, जिससे कुल यात्रा खर्च में सीधी बढ़ोतरी तय हो गई है।

इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर यह बोझ और अधिक बढ़ने वाला है, क्योंकि कुछ लंबी दूरी के रूट्स पर सरचार्ज $280 तक पहुंच सकता है। एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव पूरी तरह जेट ईंधन की बढ़ती कीमतों और वैश्विक बाजार में अस्थिरता के कारण किया गया है, जिसका सीधा असर हवाई किराए की कुल संरचना पर पड़ रहा है।

एयर जेट ईंधन महंगा, एयरलाइंस पर दबाव बढ़ा

हाल के हफ्तों में जेट ईंधन (ATF) की कीमतों में तेज और लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे एयरलाइन उद्योग पर दबाव काफी बढ़ गया है। International Air Transport Association के आंकड़ों के अनुसार, कीमतें लगभग 195 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जबकि पहले यह करीब 99 डॉलर प्रति बैरल थी। यह लगभग दोगुनी वृद्धि है, जिसने वैश्विक एयरलाइंस की ऑपरेशनल लागत को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

इस वजह से एयरलाइंस पर किराए बढ़ाने का दबाव लगातार बढ़ रहा है, क्योंकि सरकारें कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही हैं लेकिन वैश्विक बाजार पर उनका सीमित प्रभाव ही दिख रहा है। इसी कारण एयरलाइंस को सरचार्ज बढ़ाकर लागत का संतुलन बनाए रखना पड़ रहा है, ताकि संचालन बिना रुकावट जारी रह सके।

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दूरी के आधार पर तय होगा शुल्क

अब घरेलू उड़ानों में फ्यूल सरचार्ज को दूरी के आधार पर तय किया जाएगा, जिससे किराए की संरचना और अधिक पारदर्शी हो जाएगी। छोटी दूरी की उड़ानों पर कम शुल्क लगेगा, जबकि लंबी दूरी की उड़ानों पर ज्यादा सरचार्ज देना होगा। यह नया नियम एयर इंडिया समूह की सभी उड़ानों पर लागू होगा, जिसमें Air India Express भी शामिल है, और इससे रूट-वार किराए में स्पष्ट अंतर देखने को मिलेगा।

वहीं दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर यह बढ़ोतरी और अधिक प्रभावी होगी क्योंकि वहां ईंधन की कीमतें पूरी तरह वैश्विक बाजार पर निर्भर करती हैं और किसी भी तरह का घरेलू नियंत्रण नहीं होता। अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग सरचार्ज तय किया गया है, जिसमें कम दूरी वाले देशों के लिए कम शुल्क और उत्तरी अमेरिका व ऑस्ट्रेलिया जैसे लंबी दूरी वाले रूट्स के लिए अधिकतम शुल्क शामिल है। राहत की बात यह है कि 8 या 10 अप्रैल से पहले बुक किए गए टिकट पर यह नया सरचार्ज लागू नहीं होगा, हालांकि टिकट में बदलाव करने पर यह अतिरिक्त शुल्क वसूला जा सकता है।

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