सामूहिक छुट्टी पर गए स्टाफ पर एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 25 कर्मचारियों को निष्कासित कर दिया। बताया जा रहा है कि जिन कर्मचारियों को निष्कासित किया गया है, वो ड्यूटी पर नहीं पहुंचे थे। साथ ही उनका व्यवहार भी ठीक नहीं था।
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उल्लेखनीय है कि मंगलवार रात से अचानक 200 से ज्यादा कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश ले लिया था। इस वजह से 100 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई थी। इस वजह से कोच्चि, कालीकट तथा बेंगलुरु समेत अनेक हवाई अड्डों पर कंपनी का विमान परिचालन अवरुद्ध हो गया और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था।
एयर इंडिया एक्सप्रेस: कर्मचारियों के मुद्दों के खिलाफ विरोध और असंतोष
मीडिया खबरों के अनुसार, मंगलवार को एयर इंडिया एक्सप्रेस का परिचालन लगभग ठप होने से करीब 15 हजार यात्री प्रभावित हुए थे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बुधवार को एयर इंडिया एक्सप्रेस से रिपोर्ट मांगी है और एयरलाइन को कर्मचारियों के साथ मुद्दे तुरंत हल करने को कहा है।
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एयर इंडिया एक्सप्रेस चालक दल के एक संघ ने पिछले महीने आरोप लगाया था कि विमानन कंपनी में कुप्रबंधन की स्थिति है और कर्मचारियों के साथ समान बर्ताव नहीं किया जा रहा। एयर इंडिया एक्सप्रेस कर्मचारी संघ (एआईएक्सईयू) एक पंजीकृत कर्मचारी संगठन है, जो चालक दल के करीब 300 सदस्यों का प्रतिनिधित्व करता है जिनमें अधिकतर वरिष्ठ कर्मी हैं। संघ ने आरोप लगाया था कि कंपनी में कुप्रबंधन ने कर्मचारियों के मनोबल को प्रभावित किया है।
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बताया जा रहा है कि विलय की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से इसके चालक दल के कुछ सदस्यों में असंतोष व्याप्त है। एयरलाइन के कथित कुप्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के तौर पर चालक दल के 200 से अधिक सदस्यों ने बीमार होने की सूचना दी है।


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