दुनियाभर में लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन को किसने बनाया, यह सवाल आज भी अनसुलझा है। यह रहस्य कोई एक-दो महीने पुराना नहीं, बल्कि 2009 में बिटकॉइन के लॉन्च के बाद से ही चर्चा का विषय बना हुआ है। 16 साल बाद भी इसके असली निर्माता की पहचान सामने नहीं आ सकी है।
हाल ही में द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट ने इस बहस को फिर तेज कर दिया। रिपोर्ट में दावा किया गया कि ब्रिटिश क्रिप्टोग्राफर एडम बैक ही बिटकॉइन के छद्म नाम से जाने जाने वाले निर्माता Satoshi Nakamoto हो सकते हैं। अखबार ने लगभग 18 महीनों तक पुराने ईमेल, फोरम चर्चाओं और क्रिप्टोग्राफी रिसर्च का विश्लेषण किया और दावा किया कि बैक के शुरुआती काम और बिटकॉइन के मूल विचारों में कई समानताएं हैं।
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एडम बैक ने दावों को खारिज किया, पुरानी बिटकॉइन पहेली फिर सुर्खियों में
हालांकि एडम बैक ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने बिटकॉइन नहीं बनाया है और वे सातोशी नाकामोटो नहीं हैं। इसके बावजूद टेक और क्रिप्टो समुदाय में बैक को लंबे समय से संभावित दावेदारों में से एक माना जाता रहा है।
दरअसल, बिटकॉइन के निर्माता के रूप में सातोशी नाकामोटो नाम सामने आया, लेकिन यह एक छद्म नाम साबित हुआ। असली पहचान आज तक सार्वजनिक नहीं हुई। यही वजह है कि समय-समय पर अलग-अलग नाम चर्चा में आते रहे हैं।
संभावित नामों में Nick Szabo का जिक्र होता है, जिन्होंने बिट गोल्ड का कॉन्सेप्ट दिया था। Hal Finney को बिटकॉइन का पहला ट्रांजैक्शन मिला था। Dorian Nakamoto का नाम उनके सरनेम की वजह से मीडिया में उछला, लेकिन बाद में वह दावा गलत साबित हुआ। वहीं Craig Wright खुद को सातोशी बताते रहे हैं, हालांकि क्रिप्टो समुदाय उनके दावे को स्वीकार नहीं करता।
बिटकॉइन के असली निर्माता की पहचान को लेकर रहस्य इसलिए भी कायम है क्योंकि सातोशी नाकामोटो ने कभी अपनी असली पहचान उजागर नहीं की। इसी कारण बिटकॉइन किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं रहा और एक विकेंद्रीकृत डिजिटल नेटवर्क के रूप में विकसित हुआ।
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