तनिष्क बागची ने ‘सैयारा’ गाना उस समय बनाया जब वह डिप्रेशन से जूझ रहे थे। उन्होंने बताया कि उस दौर में वे रोज़ दवाएं लेते और ठीक से सो नहीं पाते थे। वह कहते हैं कि करियर और सफलता के बावजूद उनके भीतर एक अजीब खालीपन बना हुआ था। उनके पास घर, नाम और पैसा था, फिर भी वे बेहद दुखी थे। गाना बनाते समय तनिष्क ने अपने असली जज्बातों को धुन में उतार दिया।
Also Read:राजस्थान: सरकारी स्कूल की छत गिरी, क्लासरूम में पढ़ रहे 4 बच्चों की मौत
तनिष्क बागची की निजी जंग और ‘सैयारा’ की शुरुआत
‘सैयारा’ गाने में सिर्फ तनिष्क ही नहीं, पूरी टीम का दर्द शामिल रहा है। उन्होंने बताया कि गाने की टीम में हर कोई किसी न किसी संघर्ष से गुजर रहा था। अर्सलान निजामी अपने परिवार की समस्याओं से जूझ रहे थे और तनाव में थे। वहीं, फहीम अब्दुल्ला एग्ज़ाम के दबाव से मानसिक रूप से थक चुके थे। निर्देशक मोहित सूरी भी निजी स्तर पर भावनात्मक उतार-चढ़ाव का सामना कर रहे थे। इन सबकी आपसी बातचीत और सहारा गाने में उतर आया। सभी ने अपने भीतर के दर्द को खुलकर साझा किया। तनिष्क मानते हैं कि ‘सैयारा’ की सच्चाई और संवेदना का यही असली कारण है। यह गाना सिर्फ एक संगीत रचना नहीं, साझा भावनाओं का परिणाम है। सभी ने इसमें अपनी सच्ची भावनाएं दिल से जोड़ीं।
तनिष्क बागची का मानना है कि ‘सैयारा’ की सादगी ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि इस गाने को हिट बनाने का कोई इरादा नहीं था। उनका मकसद बस इतना था कि गाना सुनने वालों को महसूस हो। वे चाहते थे कि गाना सच्चा हो, उसमें कोई बनावटीपन ना हो। उनका पूरा ध्यान गाने की भावनात्मक गहराई पर रहा। गाने की प्रक्रिया में किसी तरह का नाटकीयपन शामिल नहीं किया गया। जब गाना बनकर तैयार हुआ, तो उन्होंने इसे कई बार सुना। हर बार सुनने पर उन्हें लगा कि यह उन्हें भीतर से ठीक कर रहा है। यह पहली बार था जब उनका खुद का संगीत उन्हें राहत दे रहा था। उन्हें विश्वास हुआ कि जो दर्द उन्होंने महसूस किया, वह सुनने वालों तक पहुंचेगा।
Also Read:8.8 तीव्रता के भूकंप के बीच रूसी डॉक्टरों ने जारी रखी महत्वपूर्ण सर्जरी, वीडियो वायरल
पैरा 3: गाने की सादगी और असल भावनाएं बनी ताकत
‘सैयारा’ को लोकप्रिय बनाने में फहीम अब्दुल्ला की आवाज और इरशाद कामिल के बोल ने योगदान दिया। इन दोनों कलाकारों ने गाने में भावनाओं को खूबसूरती से व्यक्त किया है। गाने में हर शब्द और सुर सीधे दिल से निकलते हैं। वीडियो में अहान पांडे और अनीत पड्ढा की परफॉर्मेंस ने दृश्य को दमदार बनाया। उनकी अदाकारी ने गाने की संवेदना को और मजबूती दी। यह भावनाओं और अभिनय का सुंदर मेल साबित हुआ। गाने को यूट्यूब पर अब तक 18 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है। यह संख्या दर्शाती है कि गाना लोगों से कितनी गहराई से जुड़ गया है। दर्शकों ने इसके बोल और धुन को सोशल मीडिया पर खूब साझा किया है। भावनात्मक गहराई की वजह से यह गाना केवल ट्रेंड नहीं, एक एहसास बन गया है।
तनिष्क बागची आज बॉलीवुड के सबसे सफल संगीतकारों में गिने जाते हैं। उन्होंने ‘रातां लंबियां’, ‘तेरी बातों में’ जैसे कई हिट गाने दिए हैं। ‘सैयारा’ उनके लिए एक अलग अनुभव और भावनात्मक मोड़ साबित हुआ। इस गाने ने उन्हें बतौर कलाकार नया आत्मविश्वास दिया। इससे पहले उन्होंने ‘आंख मारे’, ‘मोरनी बनके’, ‘साकी साकी’ जैसे डांस ट्रैक्स भी बनाए। ‘सैयारा’ में उन्होंने एक गहरी और संवेदनशील शैली को अपनाया। यह गाना उनके म्यूजिक स्टाइल में एक नये अध्याय की शुरुआत है। तनिष्क अब सिर्फ हिट गानों के लिए नहीं, भावनात्मक रचनाओं के लिए भी पहचाने जाएंगे। उन्होंने साबित किया कि दर्द भी संगीत का सुंदर हिस्सा हो सकता है। आज उनके गानों में तकनीक के साथ भावनाएं भी जुड़ चुकी हैं।
Also Read:हैदराबाद में सरोगेसी की आड़ में बच्चा बेचने वाला गिरोह बेनकाब, 10 लोग गिरफ्तार


More Stories
CJP आंदोलन पर हरीश साल्वे का बड़ा दावा, बोले- भारत में नेपाल और बांग्लादेश जैसे हालात बनाने की कोशिश
दिल्ली में विपक्ष के मार्च के बीच BJP का प्रदर्शन, कांग्रेस सांसद पर यौन शोषण का गंभीर आरोप, बांसुरी स्वराज ये बोलीं
राहुल के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस अलर्ट, सुरक्षा के किए कड़े इंतजाम