दिग्गज अभिनेत्री मुमताज 60 और 70 के दशक की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में से एक रही हैं, जिन्होंने अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया. उन्होंने मनोज कुमार से लेकर जीतेंद्र जैसे बड़े सितारों के साथ पर्दे पर जोड़ी बनाई. लेकिन 60 के दशक के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली. हालांकि, 2010 की डॉक्यूड्रामा ‘1 ए मिनट’ में वह एक कैमियो रोल में दिखाई दी थीं. इन दिनों मुमताज अपने एक हालिया बयान को लेकर चर्चा में हैं, जिसमें उन्होंने फिल्मी दुनिया में वापसी की बात करते हुए साफ किया कि वह अब मां के किरदार निभाने में दिलचस्पी नहीं रखतीं.
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कमबैक पर मुमताज का साफ इन्कार: “बुजुर्ग मां के रोल नहीं करूंगी”
मुमताज ने इंस्टेंट बॉलीवुड से बातचीत में सिल्वर स्क्रीन पर अपने कमबैक को लेकर बात की और नाराजगी जताई. उनका कहना है कि उन्हें मां के किरदार ऑफर किए जाते हैं, लेकिन वह बड़े पर्दे पर बुड्ढी के रोल नहीं निभाएंगी. मुमताज के अनुसार, वह वैसे ही रोल करना चाहती हैं, जैसी वह असल जिंदगी में दिखती हैं. 77 साल की मुमताज के इस बयान की अब काफी चर्चा हो रही है. यानी मुमताज का कहना है कि अगर उन्हें सही कहानी और रोल मिलता है, तो वह जरूर फिल्मों में वापसी करेंगी. लेकिन, अगर उन्हें उम्रदराज महिला या फिर स्टीरियोटाइप किरदार ऑफर होते हैं तो वह ये किरदार निभाने के लिए तैयार नहीं हैं.
मुमताज का फिल्मी करियर: “आंधियां” के बाद 2010 में किया था कैमियो
आपको बता दें कि मुमताज आखिरी बार 1990 में रिलीज हुई फिल्म ‘आंधियां’ में नजर आई थीं. ये आखिरी फिल्म थी, जिसमें उन्होंने फुल-टाइम रोल निभाया था. इसके बाद वह 2010 में डॉक्यूमेंट्री ‘1 ए मिनट’ में नजर आईं. मुमताज ने 1958 में रिलीज हुई फिल्म ‘सोने की चिड़िया’ से अपने करियर की शुरुआत की थी. अपने करियर में उन्होंने ‘पत्थर के सनम’, ‘पति पत्नी’, ‘ब्रह्मचारी’, ‘जिगरी दोस्त’ और ‘राम और श्याम’ जैसी फिल्मों में काम किया है. उन्हें दो फिल्मफेयर पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है.
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