साल 2026 में होलिका दहन के दिन लगने वाले चंद्र ग्रहण को लेकर लोगों में जिज्ञासा बढ़ी है। भक्तों ने इस विषय पर आध्यात्मिक मार्गदर्शन मांगा। प्रेमानंद महाराज ने अपने प्रवचन में स्पष्ट शब्दों में शंकाओं का समाधान किया। उन्होंने ग्रहण से जुड़ी आशंकाओं को दूर करते हुए श्रद्धा और संयम पर जोर दिया। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा हो रहा है।
महाराज ने कहा कि सूतक काल को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने नाम जप को सबसे प्रभावी उपाय बताया। उनके अनुसार भगवान का स्मरण मन को स्थिर रखता है। उन्होंने कहा कि भय से नहीं, भक्ति से काम लेना चाहिए। साधना से नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।
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होली और चंद्र ग्रहण के संयोग पर आध्यात्मिक मार्गदर्शन भय नहीं बल्कि विश्वास रखने की अपील
उन्होंने ग्रहण से पहले की तैयारी पर भी मार्गदर्शन दिया। महाराज ने कहा कि ग्रहण शुरू होने से लगभग एक घंटे पहले मन और स्थान को शुद्ध करें। उन्होंने स्नान और साफ वस्त्र धारण करने की सलाह दी। पूजा स्थल को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया। इससे साधक एकाग्रता बनाए रख सकता है।
भारतीय समयानुसार यह चंद्र ग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होगा। यह शाम 6:47 बजे तक रहेगा। सूतक काल ग्रहण से पहले प्रभावी माना जाएगा। इस दौरान शुभ कार्यों से परहेज करने की परंपरा है। लोग धार्मिक नियमों का पालन करेंगे।
महाराज ने गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने को कहा। उन्होंने अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी। ग्रहण के समय भोजन न बनाने की परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करने की बात कही। इसके बाद घर में शुद्धिकरण करना उचित बताया।
उन्होंने कहा कि ग्रहण को अंधविश्वास या डर से नहीं जोड़ना चाहिए। श्रद्धा और सकारात्मक सोच से हर स्थिति का सामना किया जा सकता है। उन्होंने समाज में शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील की। उनके अनुसार सच्ची भक्ति और विश्वास ही सबसे बड़ी सुरक्षा प्रदान करते हैं।
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