June 26, 2026

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मोहर्रम

Ambulances arrive to American University of Beirut Medical Center (AUBMC) as more than 1,000 people, including Hezbollah fighters and medics, were wounded when the pagers they use to communicate exploded across Lebanon, according to a security source, in Beirut, Lebanon September 17, 2024. REUTERS/Mohamed Azakir

मोहर्रम जुलूस में बड़ा हादसा: ताजिये में करंट लगने से विस्फोट, रतलाम में 3 की जान गई

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के पिपलौदा थाना क्षेत्र के हतनारा गांव में मोहर्रम जुलूस के दौरान दर्दनाक हादसा हुआ। जुलूस के समय ताजिया अचानक ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। संपर्क होते ही ताजिये में तेज करंट फैल गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। रात करीब 11 बजे हुए इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं करीब दस लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को तत्काल रतलाम मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

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मोहर्रम: धमाके जैसी आवाज, मौके पर गिरी भीड़

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जुलूस में करीब 150 से 200 लोग शामिल थे। लोग ताजिया लेकर मेवाती मोहल्ले से आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान ताजिया ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन से टकरा गया। टकराते ही पूरे ढांचे में करंट फैल गया और जोरदार धमाके जैसी आवाज आई। ताजिया उठाकर चल रहे कई लोग करंट की चपेट में आ गए और जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। लोगों ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया।

रतलाम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर रवींद्र सोलंकी ने पुष्टि की कि अस्पताल लाए गए कई घायलों में तीन लोगों की मौत हो चुकी थी। पांच घायलों की हालत गंभीर बताई गई है, जबकि अन्य का इलाज चल रहा है। प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। एएसपी राकेश पांडरो ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और कारणों की पड़ताल की जा रही है। प्रशासन ने घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।

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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, जांच शुरू

हादसे के बाद बिजली विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि गांव के बीच से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन लाइन काफी नीचे थी। लोगों का कहना है कि जुलूस से पहले रूट का सही निरीक्षण नहीं किया गया। आमतौर पर प्रशासन, पुलिस और बिजली विभाग मिलकर सुरक्षा जांच करते हैं। इस बार लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अधिकारी जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदारी तय करने की बात कह रहे हैं।

इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल बन गया है। कई परिवारों ने अपने परिजनों को खो दिया है और गहरा सदमा झेल रहे हैं। लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर सुरक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी।

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