राजस्थान के झालावाड़ जिले में स्कूल हादसे ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया।मनोहर थाना क्षेत्र के पीपलोदी गांव में स्कूल की छत गिरने से बड़ा हादसा हुआ।राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई के दौरान अचानक छत गिर गई और अफरा-तफरी मच गई।छत गिरते ही क्लास में मौजूद लगभग 60 बच्चे मलबे में दब गए और चीख-पुकार मच गई।इलाके के ग्रामीण तुरंत स्कूल पहुंचे और बच्चों को मलबे से निकालने में जुट गए।
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घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं।स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में पुलिस की सहायता की और मदद जुटाई।हादसे में चार बच्चों की मौत हो गई और 17 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।घायलों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से 10 बच्चों को झालावाड़ रेफर किया।तीन से चार बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनका इलाज चल रहा है।पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने मृतकों की पुष्टि की और जांच के आदेश दिए गए।शिक्षकों और ग्रामीणों ने मिलकर बच्चों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की।
सरकारी लापरवाही और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं इस हादसे के बाद।छात्रों के माता-पिता स्कूल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।सरकार ने पीड़ित परिवारों को मुआवजे की घोषणा की और कार्रवाई का आश्वासन दिया।हादसे ने सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
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राजस्थान: मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया शोक
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हादसे पर दुख जताया और घायलों के लिए प्रार्थना की।उन्होंने कहा कि स्कूल की छत गिरने से बच्चों और शिक्षकों के हताहत होने की सूचना मिली।उन्होंने ईश्वर से मृतकों की शांति और घायलों के शीघ्र इलाज की कामना की।वहीं, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि बच्चों का इलाज सरकारी खर्चे पर करवाया जाएगा।उन्होंने हादसे की उच्च स्तरीय जांच करवाने और दोषियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।मंत्री ने कांग्रेस सरकार को स्कूलों की जर्जर हालत के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे को बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक बताया है।उन्होंने अधिकारियों को घायल बच्चों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने दिवंगत बच्चों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।उन्होंने शोकग्रस्त परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति देने की कामना की।शर्मा ने स्पष्ट किया कि सरकार बच्चों के इलाज और राहत कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ेगी।उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हादसे से सभी स्कूलों की स्थिति की जांच आवश्यक हो गई है।
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