August 29, 2026

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प्रयागराज

प्रयागराज में स्वामीनारायण मंदिर का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिरा, टला बड़ा हादसा

प्रयागराज के जार्ज टाउन इलाके में स्थित स्वामीनारायण मंदिर का एक बड़ा हिस्सा शुक्रवार देर रात अचानक ढह गया। भारी बारिश के बीच करीब रात 11 बजे मंदिर की इमारत का अगला हिस्सा तेज आवाज के साथ जमीन पर गिर पड़ा। मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने धमाके जैसी आवाज सुनी और तुरंत बाहर निकल आए। हादसे के समय मंदिर के प्रभावित हिस्से में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। मलबा गिरने के बावजूद किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है। घटना के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण शुरू कर दिया। अधिकारियों ने फिलहाल हादसे के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू की है।

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प्रयागराज: तेज आवाज के साथ ढहा मंदिर का हिस्सा, टला बड़ा हादसा

मंदिर का ढहा हुआ हिस्सा बाहर से आने वाले मेहमानों के ठहरने के लिए इस्तेमाल होता था। मंदिर परिसर के पास एक तीन मंजिला कमर्शियल-कम-रेसिडेंशियल अपार्टमेंट बनाने की तैयारी भी चल रही थी। निर्माण कार्य के लिए मंदिर से सटे क्षेत्र में काफी गहरा गड्ढा खोदा गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण इस गड्ढे में पानी जमा हो रहा था। पानी जमा होने से आसपास की मिट्टी लगातार नम होती गई और जमीन की मजबूती प्रभावित हुई। लोगों ने आशंका जताई कि कमजोर होती मिट्टी ने मंदिर की नींव को भी प्रभावित किया। इसके बाद मंदिर के सामने बने बड़े हिस्से ने अचानक अपना संतुलन खो दिया और नीचे गिर गया। निर्माण कार्य और बारिश के बीच संभावित संबंध की जांच अब प्रशासन कर रहा है।

प्रत्यक्षदर्शी मोइन अली ने बताया कि मंदिर की पिछली तरफ इमारत का कुछ हिस्सा अब भी खड़ा है। उन्होंने कहा कि इमारत का सामने वाला बड़ा हिस्सा पूरी तरह ढह गया है। हादसे के बाद आसपास रहने वाले लोगों में काफी डर फैल गया। तेज आवाज सुनकर कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और घटनास्थल की ओर पहुंचे। मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने भी तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित की। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के कारण पिछले कुछ समय से निर्माण स्थल पर पानी जमा हो रहा था। इसी वजह से उन्होंने मंदिर की नींव को लेकर चिंता जताई थी। प्रशासन ने घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर संबंधित टीमों को भेजा। अधिकारियों ने मलबे और आसपास के निर्माण क्षेत्र का निरीक्षण किया। टीमों ने स्थिति का जायजा लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।

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निर्माण के लिए खोदे गड्ढे में भरा पानी, नींव कमजोर होने की आशंका

मंदिर के सुरक्षा गार्ड सूबेदार सिंह ने बताया कि परिसर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। कई श्रद्धालु मंदिर परिसर में रात के समय रुकते भी हैं। उन्होंने बताया कि ढहा हुआ हिस्सा मुख्य रूप से बाहर से आने वाले मेहमानों के ठहरने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। शुक्रवार रात हादसे के समय प्रभावित हिस्से में किसी व्यक्ति के मौजूद नहीं होने से बड़ा नुकसान टल गया। अगर उस समय वहां लोग मौजूद होते, तो मलबे की चपेट में आने से गंभीर जनहानि हो सकती थी। हादसे के बाद मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने सावधानी बरतते हुए प्रभावित क्षेत्र से दूरी बनाए रखी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निर्माण कार्य की सुरक्षा व्यवस्था की जांच करने की मांग की। उन्होंने मंदिर की नींव और आसपास की जमीन की भी तकनीकी जांच कराने की अपील की।

प्रयागराज में हुई इस घटना ने आसपास चल रहे निर्माण कार्यों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी बारिश के दौरान निर्माण स्थल पर पानी जमा होना चिंता का विषय बना हुआ था। मंदिर के पास गहरा गड्ढा खोदने से जमीन की स्थिरता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक मंदिर गिरने की अंतिम वजह को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं दिया है। संबंधित अधिकारी घटनास्थल की स्थिति और निर्माण गतिविधियों का तकनीकी आकलन कर रहे हैं। जांच टीम यह पता लगाएगी कि बारिश, मिट्टी की नमी और निर्माण कार्य ने संरचना को कितना प्रभावित किया। अधिकारी यह भी देखेंगे कि निर्माण एजेंसी ने आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन किया था या नहीं। फिलहाल मंदिर के प्रभावित हिस्से को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

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