मुंबई और नवी मुंबई को जोड़ने वाला देश का सबसे लंबा समुद्री पुल अटल सेतु लगातार चर्चा बटोर रहा है। यह पुल यात्रियों को मुंबई से उरण तक तेज, सुविधाजनक और सुगम यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया। हालांकि, हाल के वर्षों में इस आधुनिक पुल पर आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। सरकार द्वारा विधानसभा में साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 से अब तक अटल सेतु पर आत्महत्या या आत्महत्या के प्रयास से जुड़े कुल 15 मामले दर्ज हुए। इनमें 12 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि तीन लोगों को समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया।
अटल सेतु पर बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण सुरक्षा उपायों की घोषणा की है। प्रशासन पुल के लगभग तीन किलोमीटर हिस्से में सुरक्षा जाल लगाने का कार्य तेजी से पूरा करने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा जाल आत्महत्या की घटनाओं को रोकने में प्रभावी भूमिका निभाएगा। इसके अलावा निगरानी प्रणाली को और आधुनिक बनाया जाएगा ताकि संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पहचान हो सके। बचाव दल की तैनाती, आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था और रेस्क्यू सिस्टम को भी पहले से अधिक मजबूत किया जाएगा। प्रशासन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तकनीकी और मानवीय दोनों स्तरों पर व्यापक तैयारी करेगा।
Also read: सप्ताह की शुरुआत गिरावट के साथ, सेंसेक्स 370 अंक लुढ़का, निफ्टी 24,000 से नीचे बंद
महाराष्ट्र सरकार ने अटल सेतु पर बढ़ते आत्महत्या के मामलों के बाद सुरक्षा उपायों की समीक्षा
महाराष्ट्र विधान परिषद में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई, जहां उद्योग मंत्री उदय सामंत ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 से अब तक अटल सेतु से कूदने या आत्महत्या के प्रयास से जुड़े 15 मामले सामने आए हैं। इनमें 12 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि मृतकों में चार लोगों के शव अब तक बरामद नहीं किए जा सके हैं। समुद्र की तेज धाराओं और कठिन परिस्थितियों के कारण खोज अभियान कई बार चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। प्रशासन लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटा हुआ है। सरकार ने संबंधित एजेंसियों को खोज अभियान जारी रखने के निर्देश दिए हैं। सदन में कई सदस्यों ने भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में अटल सेतु पर कुल छह घटनाएं दर्ज हुई थीं। इनमें चार लोगों की मृत्यु हुई जबकि दो लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। मृतकों में दो लोगों के शव खोज अभियान के बावजूद बरामद नहीं किए जा सके। वर्ष 2025 में भी छह समान घटनाएं सामने आईं। इनमें पांच लोगों की मृत्यु हुई जबकि एक व्यक्ति को समय रहते बचा लिया गया। वर्ष 2026 में अब तक तीन घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं और तीनों मामलों में संबंधित लोगों की मृत्यु हुई। इनमें दो लोगों के शव अभी तक नहीं मिले हैं। इन लगातार बढ़ते मामलों ने प्रशासन, पुलिस और बचाव एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। विशेषज्ञ भी प्रभावी रोकथाम उपायों की आवश्यकता पर लगातार जोर दे रहे हैं।
तीन वर्षों में 15 घटनाओं के बाद अटल सेतु पर सुरक्षा जाल, निगरानी और बचाव प्रणाली को और प्रभावी बनाने की दिशा में सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है।
सरकार ने अटल सेतु पर सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक अध्ययन कराने के लिए नई पहल शुरू करने का निर्णय लिया है। उद्योग मंत्री उदय सामंत ने बताया कि पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी की अध्यक्षता में विशेष समिति गठित की जाएगी। यह समिति आत्महत्या रोकने के लिए उपलब्ध तकनीकों, सुरक्षा उपायों और अंतरराष्ट्रीय अनुभवों का अध्ययन करेगी। समिति अपनी रिपोर्ट के आधार पर सरकार को आवश्यक सुझाव सौंपेगी। इसके बाद संबंधित विभाग उन सिफारिशों को चरणबद्ध तरीके से लागू करेंगे। प्रशासन का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की संख्या कम करना है।
Also read: एशियन गेम्स 2026: हरमनप्रीत की कप्तानी में टीम इंडिया घोषित


More Stories
पीएम मोदी ने एकतानगर को दी Rs 400 करोड़ की सौगात, कई पर्यटन परियोजनाओं का किया उद्घाटन
Missing Indian-Origin Woman Found Dead in California Canal After Two Months
Maharashtra Suspends Four FDA Officials Over Lapses in Hookah Tobacco Regulation