लेबनान में मंगलवार को पेजर (कम्युनिकेशन डिवाइस) में हुए धमाके के पीछे इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद का हाथ होने का दावा किया जा रहा है। ब्रिटिश न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में जानकारी दी है कि मोसाद ने लगभग 5000 पेजर्स में विस्फोटक सामग्री स्थापित की थी। यह बात कई सुरक्षा विशेषज्ञों और स्थानीय स्रोतों के हवाले से कही गई है, जिन्होंने इस हमले को एक सुनियोजित आतंकवादी गतिविधि के रूप में देखा है।
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लेबनान : पेजर धमाके में मोसाद की खुफिया रणनीति
रिपोर्ट के अनुसार, मोसाद ने इन पेजर्स को इस प्रकार से तैयार किया था कि वे किसी भी सामान्य उपयोगकर्ता के लिए सामान्य उपकरण जैसे प्रतीत होते। इस रणनीति का उद्देश्य यह था कि हमलावर आसानी से अपने लक्ष्यों को पहचानने और उन्हें निशाना बनाने में सफल हो सकें। इससे न केवल लेबनान में हिजबुल्लाह जैसे संगठनों के लिए खतरा बढ़ गया है, बल्कि यह घटना क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को भी और जटिल बना देती है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि इस हमले के पीछे की रणनीति ने यह संकेत दिया है कि मोसाद ने अपने संचालन में उच्चतम स्तर की तकनीकी दक्षता और सटीकता का प्रयोग किया। इसके परिणामस्वरूप, इस घटना ने न केवल लेबनान में आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष को चुनौती दी है, बल्कि क्षेत्र में इजराइल की खुफिया गतिविधियों की गंभीरता को भी उजागर किया है।
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लेबनान में हजारों पेजरों में एक साथ हुए धमाकों की जांच कर रहे जानकारों का मानना है कि इसके पीछे इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद का हाथ हो सकता है। इन धमाकों में कम से कम नौ लोग मारे गए हैं और लगभग 3000 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर है। ईरान के राजदूत भी इस हमले में घायल हुए हैं, और उनकी चोटें गंभीर बताई जा रही हैं। धमाके बेरू समेत पूरे लेबनान में हुए हैं, और अधिकांश हिजबुल्लाह से जुड़े लड़ाके इसकी चपेट में आए हैं। जांचकर्ताओं के अनुसार, दो प्रमुख थ्योरीज़ हैं: क्या पेजरों को हैक किया गया या फिर इनके अंदर विस्फोटक सामग्री प्लांट की गई।


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