लद्दाख से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां सेना की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई।दुर्घटना लद्दाख के दुरबुक क्षेत्र में हुई, जब एक चट्टान सेना की गाड़ी पर गिरी।इस हादसे में एक अधिकारी और दो जवानों ने मौके पर ही अपनी जान गंवा दी।एक अन्य अधिकारी और दो जवानों को गंभीर चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।यह हादसा बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे हुआ, जब जवान गश्त के लिए निकले थे।बारिश और बर्फबारी के कारण पहाड़ी रास्ते फिसलन भरे और दुर्घटना के लिए अधिक जोखिम बने।स्थानीय प्रशासन ने यातायात सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की योजना बनाई है।सुरक्षा के लिए सेना और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से लगातार निगरानी कर रही है।आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति को लेकर अधिकारियों ने सतर्क रहने की सलाह दी।जनता से भी अपील की गई है कि वे सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें।
Also Read:राजस्थान: सरकारी स्कूल की छत गिरी, क्लासरूम में पढ़ रहे 4 बच्चों की मौत
लद्दाख में भारी बारिश से बढ़ी दुर्घटनाएं, सेना-प्रशासन ने राहत और सुरक्षा बढ़ा
प्रशासन और सेना की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर चुकी हैं।स्थानीय अधिकारियों ने पहले बताया था कि एक कार चट्टान से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई थी।बाद में पुष्टि हुई कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन भारतीय सेना का था और उसमें जवान सवार थे।फिलहाल गंभीर रूप से घायलों का इलाज चल रहा है और जांच जारी रखी गई है।सेना ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और सुरक्षा उपायों को फिर से परखा जाएगा।लद्दाख में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश और बर्फबारी हो रही है लगातार।इस कारण इस क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।कुछ दिन पहले भी यहां एक सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए।भारतीय सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर ने तुरंत दोनों घायलों को सुरक्षित बचाया।सेना ने घायलों को कारू के अस्पताल में बेहतर इलाज के लिए तत्काल पहुंचाया।
Also Read: नाग पंचमी पर महाकाल मंदिर में बाबा महाकाल का नाग-सज्जा, 3 AM भस्म आरती, भारी भक्त जनाकଟ”
अग्निवीर हरिओम नागर की शहादत पर सेना ने जताया सम्मान और परिवार को संवेदना
बारिश और बर्फबारी के कारण पहाड़ी रास्ते फिसलन भरे और दुर्घटना के लिए अधिक जोखिम बने।स्थानीय प्रशासन ने यातायात सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की योजना बनाई है।सुरक्षा के लिए सेना और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से लगातार निगरानी कर रही है।आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति को लेकर अधिकारियों ने सतर्क रहने की सलाह दी।जनता से भी अपील की गई है कि वे सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें।
सेना की लेह स्थित फायर एंड फ्यूरी कोर ने 21 जुलाई को घोषणा की।अग्निवीर हरिओम नागर ने 20 जुलाई को लद्दाख में ड्यूटी करते हुए शहीद हो गए।रक्षा स्टाफ ने सोशल मीडिया पर उनके सर्वोच्च बलिदान को सम्मान और श्रद्धांजलि दी। जनरल अनिल चौहान, सीडीएस, और भारतीय सशस्त्र बलों के सभी रैंक उन्हें सलाम करते हैं।एचक्यू आईडीएस ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और समर्थन जताया।सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने भी 21 जुलाई को उनके निधन पर शोक जताया।
अग्निवीर हरिओम नागर की बहादुरी और समर्पण को सेना ने पूरे देश के सामने रखा।उनके परिवार के सदस्यों को सेना और देश ने मजबूती और साहस के साथ सहारा दिया।सेना ने कहा कि वे हमेशा अपने शहीद जवानों की कुर्बानी को याद रखेंगे।देशभर में उनकी शहादत को सम्मानित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
Also Read: रिजिजू की चेतावनी: संसद में मर्यादा रखें, पाकिस्तान जैसी बातें न करें


More Stories
Office attack over relationship breakup: Man stabs ex-girlfriend, attempts suicide afterward
PoK में एक महीने का लॉकडाउन लागू, पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध तेज
Kerala Auto Driver Travels Six Hours to Return Lost ATM Card to American Tourist