देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo के संचालन में लगातार तीसरे दिन गंभीर गड़बड़ी देखी गई। पिछले दो दिनों में सैकड़ों उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को भारी परेशानी हुई। आज भी कई प्रमुख शहरों की उड़ानों को रद्द करना पड़ा और यातायात प्रभावित हुआ। बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद एयरपोर्ट पर यात्रियों की भीड़ ने अव्यवस्था बढ़ाई। सूत्रों के अनुसार, पायलटों की कमी और संचालन की तकनीकी समस्याएं मुख्य वजह बनीं। एयरलाइन ने अगले 48 घंटों के लिए संचालन धीरे-धीरे सामान्य करने का प्लान बनाया। रद्द उड़ानों और देरी का असर यात्रियों के साथ एयरलाइन के वित्तीय प्रदर्शन पर पड़ा।
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IndiGo की 180 से ज्यादा उड़ानें रद्द, यात्रियों को हवाई अड्डों पर भारी परेशानी
गुरुवार को IndiGo ने देशभर में 180 से ज्यादा उड़ानों को रद्द किया। बेंगलुरु एयरपोर्ट ने बताया कि 4 दिसंबर को 73 उड़ानें रद्द हुईं। दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर क्रमश: 50 और 85 उड़ानें रद्द की गईं। हैदराबाद से आने-जाने वाली कम से कम 64 उड़ानें प्रभावित हुईं। रद्द उड़ानों की वजह तकनीकी खराबी, मौसम और एयरपोर्ट कंजेशन बताई गई। सूत्रों ने कहा कि DGCA के नए पायलट नियम सबसे बड़ी वजह हैं। नए नियमों के अनुसार पायलटों की रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक उड़ान सीमित है।सप्ताहिक आराम 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे कर दिया गया है। एयरलाइन को थकान रिपोर्टिंग और सुरक्षा उपाय लागू करने पड़ रहे हैं। ये नियम 1 नवंबर 2025 से लागू हो चुके हैं और सभी एयरलाइंस पालन कर रही हैं।
आज रद्द हुई उड़ानों में हैदराबाद-पुणे, हैदराबाद-दिल्ली और हैदराबाद-गुवाहाटी शामिल हैं। दिल्ली से अहमदाबाद, पुणे, नागपुर और वाराणसी के लिए उड़ानें भी रद्द हुईं। मुंबई और कोच्चि के रूट पर कई उड़ानें प्रभावित हुईं और यात्री परेशान हुए।यात्रियों ने एयरपोर्ट पर लंबी कतारों और अनिश्चितता का सामना किया। एयरलाइन ने वैकल्पिक विकल्प दिए लेकिन सभी यात्रियों की समस्याएं हल नहीं हुईं। रद्द उड़ानों के कारण बुकिंग में बदलाव और हवाई यात्रा में देरी हुई। यात्रियों को मैसेज और कॉल के माध्यम से सूचित किया गया। कुछ यात्रियों ने सोशल मीडिया पर एयरलाइन की गड़बड़ी की शिकायत की। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रयास लगातार जारी हैं।
DGCA के नए पायलट नियम और क्रू की कमी ने एयरलाइन संचालन को प्रभावित किया
DGCA के नए नियमों में पायलटों की रात की ड्यूटी को सीमित कर दिया गया। नाइट ड्यूटी में अधिकतम उड़ान समय 8 घंटे और ड्यूटी अवधि 10 घंटे तय है। निरंतर रात की ड्यूटी अधिकतम दो और रात में लैंडिंग भी दो तक सीमित की गई। आराम 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे कर दिया गया है। एयरलाइन को पायलटों की थकान कम करने और रिपोर्टिंग सुनिश्चित करनी होगी। नियमों का उद्देश्य पायलटों और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना है। IndiGo के संकट ने नेटवर्क और पायलटों की कमी को उजागर किया है। वित्तीय बाजार में भी एयरलाइन की स्थिति के कारण निवेशकों में चिंता बढ़ी। नए नियमों से लंबी अवधि में संचालन अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित होगा। एयरलाइन ने सुधार के लिए सभी आवश्यक कदम उठाना शुरू कर दिया है।
हवाई यात्रा प्रभावित होने से यात्रियों की यात्रा योजना में बड़े बदलाव हुए। अधिकतर यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानें खोजने में लंबा समय लग गया। एयरलाइन ने रिफंड और रूट बदलाव के विकल्प भी उपलब्ध कराए। कुछ हवाई अड्डों पर यात्रियों ने घंटों लंबी कतारों में इंतजार किया। इंडिगो ने तकनीकी और मौसम से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर काम शुरू किया।यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे उड़ान से पहले स्थिति जांचें। वित्तीय नुकसान और संचालन में बाधा के बावजूद सुधार प्रक्रिया जारी है। DGCA के नए नियमों के पालन से भविष्य में संचालन सुरक्षित होगा। यात्रियों और निवेशकों दोनों के लिए स्थिति नियंत्रण में आने की उम्मीद है।
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