लाहौल-स्पीति: हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में शुक्रवार (24 जुलाई 2026) को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। उदयपुर-किलाड़ (तिंदी-संसारी राष्ट्रीय राजमार्ग) पर कडू नाला के पास अचानक पहाड़ी से भारी चट्टानें और मलबा गिरने से पांगी जा रही एक टाटा सूमो टैक्सी उसकी चपेट में आ गई। हादसे के समय वाहन में चालक सहित करीब 14 लोग सवार थे। चट्टानों के सीधे वाहन पर गिरने से टैक्सी बुरी तरह दब गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहत दल ने तुरंत अभियान शुरू किया और एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रशासन ने मृतक की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की है। वहीं, अन्य यात्रियों के मलबे में फंसे होने की आशंका को देखते हुए लगातार बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
सड़क खुलते ही शुरू हुआ सफर, लेकिन कुछ ही दूरी पर हुआ बड़ा हादसा
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जानकारी के अनुसार, उदयपुर-किलाड़ मार्ग एक दिन पहले भूस्खलन के कारण बंद था। सड़क बंद होने की वजह से टैक्सी में सवार सभी यात्री तिंदी में रुक गए थे और मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे थे। शुक्रवार को सड़क बहाल होने के बाद वाहन पांगी के लिए रवाना हुआ। यात्रियों को उम्मीद थी कि वे सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच जाएंगे, लेकिन कडू नाला के पास अचानक पहाड़ी से भारी चट्टानें और मलबा गिरने लगा। इससे पहले कि चालक वाहन को सुरक्षित स्थान पर ले जा पाता, विशाल पत्थर सीधे सूमो टैक्सी पर आ गिरे। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन पूरी तरह मलबे के नीचे दब गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही राहत दल मौके पर पहुंचा और युद्धस्तर पर बचाव कार्य शुरू किया गया।
हादसे की जानकारी मिलते ही सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कर्मचारी भारी मशीनों और उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। लाहौल पुलिस, तिंदी थाना पुलिस, उदयपुर प्रशासन और अन्य आपदा राहत एजेंसियों ने भी तुरंत मोर्चा संभाल लिया। जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी लगातार घटनास्थल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पांगी के कार्यकारी आवासीय आयुक्त एवं एसडीएम अमनदीप सिंह भी मौके के लिए रवाना हो गए और बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जल्द से जल्द वाहन तक पहुंचना और उसमें फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
खराब मौसम बना सबसे बड़ी चुनौती, 13 यात्रियों के फंसे होने की आशंका
रेस्क्यू अभियान के सामने सबसे बड़ी चुनौती लगातार खराब मौसम और पहाड़ी से गिरता मलबा है। क्षेत्र में लगातार बारिश होने से चट्टानें ढीली हो गई हैं, जिसके कारण बीच-बीच में छोटे-बड़े पत्थर गिरते रहे। इससे राहतकर्मियों को काफी सावधानी के साथ काम करना पड़ रहा है। प्रशासन को आशंका है कि वाहन में सवार करीब 13 लोग अभी भी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं। हालांकि, उनकी स्थिति को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। बचाव दल हर मिनट का महत्व समझते हुए तेजी से मलबा हटाने में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम की कठिन परिस्थितियों के बावजूद अभियान को रोका नहीं गया है और सभी एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
प्रशासन ने हादसे को लेकर लोगों से संयम बरतने और किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी साझा न करने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि केवल जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य आधिकारिक एजेंसियों द्वारा जारी जानकारी पर ही भरोसा किया जाए। सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों से बचने की भी सलाह दी गई है। प्रशासन ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे बचाव अभियान आगे बढ़ेगा, यात्रियों की स्थिति और अन्य आवश्यक जानकारी आधिकारिक रूप से साझा की जाएगी। फिलहाल सभी एजेंसियां प्राथमिकता के आधार पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
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