August 7, 2026

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छत्तीसगढ़ में खूंखार भालू का कहर, तीन लोगों की मौत के बाद इलाके में दहशत

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में भालुओं के लगातार हमलों ने लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। नरहरपुर वन परिक्षेत्र के लारगांव मरकाटोला में एक बीमार मादा भालू ने भाई-बहनों पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में एक भाई और उसकी बहन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल महिला को पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया गया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई और लोग घरों से बाहर निकलने से भी घबराने लगे। स्थानीय लोगों ने वन विभाग को तुरंत सूचना दी, जिसके बाद अधिकारी और बचाव दल मौके पर पहुंचे। घटना ने इलाके में वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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बीमार मादा भालू ने भाई-बहनों पर किया जानलेवा हमला, दो की मौत


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमले के दौरान 30 वर्षीय सोरिन जुर्री ने अपने भाई और बहन को बचाने की पूरी कोशिश की। उन्होंने भालू का सामना कर दोनों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया, लेकिन आक्रामक भालू ने उन पर भी हमला कर दिया। इस हमले में सोरिन गंभीर रूप से घायल हो गए। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत को देखते हुए उन्हें रायपुर के हायर सेंटर भेज दिया। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि हमला इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। लोगों ने शोर मचाकर और एकजुट होकर भालू को भगाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बना दिया है और लोग जंगल से सटे इलाकों में जाने से बच रहे हैं।


ग्रामीणों ने बताया कि घटना से एक दिन पहले स्कूल के पीछे से लगातार अजीब आवाजें सुनाई दे रही थीं। मौके पर पहुंचने पर लोगों ने देखा कि एक बीमार मादा भालू अपने ही शावक के साथ असामान्य व्यवहार कर रही थी। यह स्थिति पूरे दिन बनी रही, जिससे ग्रामीणों को अंदेशा हो गया कि भालू की मानसिक या शारीरिक स्थिति ठीक नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि बीमारी या तनाव की वजह से वन्यजीव अधिक आक्रामक हो सकते हैं। अगले दिन यही भालू गांव के पास पहुंची और भाई-बहनों पर हमला कर दिया। हमले के बाद भी भालू काफी देर तक घटनास्थल के आसपास घूमती रही, जिससे बचाव कार्य में भी कठिनाई आई। ग्रामीण लगातार वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग करते रहे ताकि किसी और की जान खतरे में न पड़े

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देवगांव में अलग हमले में बुजुर्ग की गई जान, वन विभाग ने भालू को किया ट्रेंकुलाइज

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम, पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का आकलन करने के बाद विशेषज्ञों की मदद से भालू को ट्रेंकुलाइज करने का फैसला लिया। काफी प्रयासों के बाद भालू को बेहोश कर सुरक्षित नियंत्रण में लिया गया, जिससे इलाके में तत्काल खतरा टल गया। वन अधिकारियों ने बताया कि भालू की स्वास्थ्य स्थिति की जांच की जाएगी और उसके व्यवहार का अध्ययन भी किया जाएगा। इसके साथ ही आसपास के गांवों में लोगों को सतर्क रहने और जंगल के नजदीक अकेले नहीं जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा उपाय करने की मांग उठाई है।

इसी बीच कांकेर जिले के देवगांव में भी भालू के एक अलग हमले में 67 वर्षीय देवबली ध्रुव की मौत हो गई। इस दूसरी घटना के बाद जिले में भालू के हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। लगातार हो रही घटनाओं ने ग्रामीणों में चिंता और असुरक्षा की भावना बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि जंगल से लगे गांवों में वन्यजीवों की आवाजाही पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है, जिससे जान-माल का खतरा लगातार बना रहता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से नियमित गश्त बढ़ाने, संवेदनशील इलाकों में निगरानी मजबूत करने और समय रहते चेतावनी व्यवस्था लागू करने की मांग की है। प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने और किसी भी वन्यजीव की गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है।

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